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मंत्रीजी बिजली नहीं तो रास्ता नहीं… महोडिय़ा गांव में बिजली संकट से गुस्साए ग्रामीणों ने रोका राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का काफिला

सीहोर। इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम महोडिय़ा में बिजली की बदहाल व्यवस्था और लंबे समय से चले आ रहे बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सडक़ों पर फूट पड़ा। स्थिति इतनी विकट हो गई कि जन विश्वास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजस्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक करण सिंह वर्मा का काफिला ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक लिया और दो टूक शब्दों में कह दिया कि मंत्रीजी, जब गांव में बिजली ही नहीं है तो आगे का रास्ता भी नहीं मिलेगा।
बता दें महोडिय़ा गांव में इन दिनों बिजली संकट ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर रखा है। जब राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और प्रशासनिक अधिकारियों का काफिला गांव से गुजर रहा था तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। ग्रामीणों ने मंत्री और अधिकारियों के सामने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
ग्रामीणों ने कहा कि वे कई दिनों से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहे। ऐसे में अब केवल कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। मौके पर मौजूद मंत्री और अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें ध्यान से सुनीं, बिजली विभाग की लापरवाही की जांच करवाने और जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगवाकर विद्युत व्यवस्था सुचारू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
चंदा जुटाकर लगवाया ट्रांसफार्मर, वो भी कुछ घंटों में फुंका
गांव में बदहाली का आलम यह था कि ग्रामीणों को खुद अपनी जेब ढीली करनी पड़ी। ग्रामीण राम सिंह और लाल सिंह ने बताया कि उन्होंने आपसी सहयोग से गांव के प्रत्येक घर से 500-500 रुपए चंदा जुटाया और किसी तरह नया ट्रांसफार्मर मंगवाकर लगवाया। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब अंधेरे से निजात मिलेगी, लेकिन उनकी यह उम्मीद कुछ ही घंटों में दम तोड़ गई, क्योंकि लगाया गया नया ट्रांसफार्मर महज कुछ ही घंटे चलने के बाद पिुर से खराब हो गया। ग्रामीणों की मेहनत की खून-पसीने की कमाई भी बर्बाद हो गई और समस्या जस की तस बनी रही।
किसानों की फसलें और बच्चों की पढ़ाई चौपट
बिजली संकट का सबसे बुरा असर किसानों और बच्चों पर पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलें सूखने के कगार पर हैं क्योंकि मोटर पंप बंद पड़े हैं और सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान मौसम की मार के साथ-साथ बिजली विभाग की नाकामी का दोहरा दंश झेल रहे हैं। इसके अलावा बार-बार बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई और घरों के जरूरी कामकाज भी ठप पड़े हैं।

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