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सरकारी जमीन पर कब्जा किया, फिर बेची और अब हो रहे पक्के निर्माण

- बुदनी विधानसभा की ग्राम पंचायत चकल्दी का मामला, 55 एकड़ से ज्यादा जमीन पर है अवैध कब्जा

रेहटी। प्रदेशभर में भू-माफियाओं के कब्जों से सरकारी जमीन निकाली जा रही है, लेकिन रेहटी तहसील की ग्राम पंचायत चकल्दी में स्थिति अलग है। यहां पर छोटेे जंगल की करीब 55-60 एकड़ सरकारी जमीन पर पहले तो दबंगों ने अवैध कब्जा जमाया और उसके बाद अवैध कब्जाधारियोें ने लोगों को यहां पर प्लाट बेच दिए। अब जिन लोगों ने प्लाट लिए वे इस सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण कार्य कर रहे हैं। कई लोगों के तो निर्माण कार्य हो भी चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारोें की नजर में यह कारनामा नहीं आया।
सीहोर जिले के नसरूल्लागंज विकासखंड की ग्राम पंचायत चकल्दी यूं तो हमेशा चर्चाओें में रहती है, लेकिन इस बार यहां की चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि चकल्दी ग्राम पंचायत अवैध कार्यों का गढ़ बन चुकी है। चकल्दी के आसपास से जहां सरकारी जमीन से अवैध खनन कार्य जमकर संचालित होे रहा है तो वहीं यहां पर लोगों ने सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जा जमाकर उनके प्लाट तक बेच डाले। जिन लोगों ने यहां पर प्लाट खरीदे अब वेे धड़ल्ले से पक्के निर्माण कार्य कर रहे हैं। जबकि सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण कार्य नहीं किए जा सकते हैं, लेकिन चकल्दी में यह कारनामा किया जा रहा है।
शिकायत भी हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं-
सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जों की रेहटी तहसील में शिकायतें भी की गई है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक ऐसा कुछ नहीं किया गया, जिससेे यह सरकारी जमीन अवैध कब्जाधारियोें से वापस ली जा सके। दरअसल जिम्मेदारों द्वारा यहां के सैकड़ोें अवैध कब्जाधारियोें में से एक-दोे लोगोें कोे नोटिस देकर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई है, जबकि करीब 55-60 एकड़ जमीन पर लोगोें ने कब्जा जमा रखा है। इन लोगोें ने यहां पर सैकड़ों लोगोें को प्लाट बेेचकर लाखों-करोेड़ों केे वारे-न्यारे कर लिए। जब इस मामले की शिकायत रेहटी तहसील में की गई तोे वहां सेे कुछ लोगोें के नोटिस जारी किए गए, जबकि सरकारी जमीन कई लोगों के कब्जेे में है। ऐसे में यदि सभी अवैध कब्जाधारियोें पर कार्रवाई होे तोे निश्चित रूप से सरकारी जमीन निकाली जा सकती है।
सरकारी जमीन पर हो रहा अवैध उत्खनन-
चकल्दी में छोटे जंगल की सरकारी जमीन पर ही अवैध कब्जा नहीं है, बल्कि यहां पर क्रेशर संचालकों द्वारा भी सरकारी जमीन से अवैध तरीके से पत्थर निकालकर क्रेशर का संचालन किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार शिकायतेें भी हुईं। यहां के हल्का पटवारी को भी इस मामले कोे लेकर बताया गया। सरकारी जमीन का मामला भी हल्का पटवारी के संज्ञान में लाया गया, लेकिन इसके बाद भी अब तक सरकारी जमीन को अवैध कब्जाधारियोें से छुड़ानेे की ऐसी कोई कार्रवाई नहीं दिखाई दी। इस संबंध में चकल्दी के हल्का पटवारी संजय मालवीय कहतेे हैैं कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटानेे के लिए कुछ लोगोें कोे नोटिस जारी किए गए हैं, वहीं कुछ लोगोें कोे जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे।
इनका कहना है-
छोटे जंगल की शासकीय भूमि पर पहले से कई लोगोें ने निर्माण कार्य कर रखे हैैं, वहीं कई लोगोें द्वारा वर्तमान मेें भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसकी शिकायत आई है। फिलहाल लोगोें द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य को रोक दिया गया हैै, वहीं जिन लोगों के कब्जेे हैैं उन्हें नोटिस भी जारी किए गए हैं। इसकी जल्द ही सुनवाई की जाएगी।
– केएल तिलवारी, तहसीलदार, तहसील रेहटी

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