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राहुल गांधी शौकिया तौर पर निकाल रहे हैं भारत जोड़ो यात्रा : केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरुगन

- केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. मुरुगन वीआईटी कॉलेज के तीसरे दीक्षांत समारोह में हुए सम्मिलित

सीहोर। राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की है, लेकिन उनकी यात्रा को कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी केवल शौकिया तौर पर यात्रा निकाल रहे हैं। आज देश विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन राहुल गांधी अब भी भारत जोड़ने के लिए निकले हैं। ये बातें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन ने कही। वे सीहोर के कोठरी स्थित वीआईटी कॉलेज के तीसरे दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा भी की। इससे पहले उन्होंने दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर वीआईटी के छात्र-छात्राओं को उपाधियां सौंपी एवं उन्हें संबोधित किया। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज दुनिया के सामने अपना लोहा मनवा रहा है। हर क्षेत्र में देश विकास के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विकास के कई नए आयाम रचे जा रहे हैं।
नई शिक्षा नीति कई बदलाव लेकर आएगी-
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन ने छात्रों से कहा कि देश के लिए नई शिक्षा नीति बनाई गई है और ये शिक्षा नीति शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव भी लेकर आएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 नए भारत के निर्माण के लिए मजबूत नींव रखेगी और ज्ञान एवं कौशल के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि एनईपी हमें 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने की राह दिखाती है। यह छात्रों में साइंटिफिक टेम्परामेंट को बढ़ावा देती है। साथ ही एक कुशल मानव संसाधन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आत्मनिर्भर भारत नए भारत का मूल मंत्र है। डॉ. मुरुगन ने छात्रों से नए भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नई-नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारत अब विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह इसके प्रगति का सूचक है। केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों के बारे में बात करते हुए डॉ. मुरुगन ने बताया कि डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, 5जी सेवाएं (कुछ ही दिनों में प्रारंभ होने वाली है) और गतिशक्ति जैसी परियोजनाएं युवाओं को उनके विकास और रोजगार सृजन के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है। हमारी आजादी के इस अमृत काल में युवा भारत की प्रगति में अहम भूमिका निभाएंगे। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें उपाधियां प्रदान कीं। दीक्षांत समारोह में कुल 840 स्नातकों को उपाधि प्रदान की गर्इं। वीआईटी के कुलाधिपति डॉ. जी. विश्वनाथन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
वीआईटी के पाठ्यक्रमों की सराहना-
केंद्रीय राज्यमंत्री ने साइबर सिक्योरिटी, गेमिंग टेक्नोलॉजी, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, बायोइंजीनियरिंग, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, साइबरनेटिक्स, रोबॉटिक्स, एजुकेशन टेक्नोलॉजी, इ-कॉमर्स टेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे कई भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए वीआईटी भोपाल के पहल की सराहना की। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि सुरेश बेथवंडू, चीफ पीपल आॅफिसर, माइंडट्री लिमिटेड ने वीआईटी भोपाल में छात्रों की पढ़ाई और प्लेसमेंट के दौरान हर एक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने की कार्यप्रणाली की सराहना की। वीआईटी भोपाल की असिस्टेंट वाईस प्रेसीडेंट कादंबरी एस विश्वनाथन ने कहा कि 2017 में विश्वविद्यालय की स्थापना से आज तक की यात्रा बड़ी रोमांचकारी रही जो कि कुल 383 छात्र-छात्राओं और 32 शिक्षकों के साथ शुरू हुई थी। आज वीआईटी भोपाल में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं एवं 100 से अधिक शिक्षकों का स्टॉफ है। वीआईटी भोपाल के कुलपति डॉ. यू कामाची मुदली ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. प्रद्युम्न यादव कुलसचिव ने अतिथियों का परिचय कराया। प्रो. वाइस चांसलर डॉ. ए. सेंथिल कुमार और सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. रीना जैन ने समारोह का संचालन किया। इस मौके पर कुलाधिपति, डॉ. जी. विश्वनाथन, वाईस प्रेसीडेंट शंकर विश्वनाथन, असिस्टेंट वाईस प्रेसीडेंट कादंबरी एस. विश्वनाथन, ट्रस्टी रमणी बालसुंदरम, मुख्य अतिथि डॉ. लोगनाथन मुरुगन और विशिष्ट अतिथि सुरेश बेथवंडु ने विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 11 टॉपर्स को स्वर्ण पदक और 33 मेधावी छात्रों को रैंक प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।

 

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