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बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, सोयाबीन, मक्का की फसल पर संकट

- खेतों में कटकर पड़ी सोयाबीन की फसल को नुकसान, धान का होगा बंपर उत्पादन

सीहोर। लगातार बारिश के कारण किसानों के माथों पर फिर से चिंता की लकीर दिखने लगी है। किसानों की आई हुई सोयाबीन, मक्का की फसल पर बारिश के कारण संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सीहोर जिले के कई क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल पक चुकी है एवं कई जगह कटने भी लगी थी, लेकिन बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। किसानों की मक्का भी पक चुकी है, लेकिन बारिश के कारण वे अपनी उसे नहीं निकाल पा रहे हैं। एक तरफ अब तक किसानों को उनकी मूंग की फसल के पैसे नहीं मिले हैं तो अब दूसरी तरफ बारिश ने उनकी चिंता को बढ़ा दिया है। ऐसे में किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।

पानी में गलकर खराब हुई सोयाबीन की फसल –
सीहोर जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम लसुडिय़ा धाकड़ सहित आसपास के कई गांवों में सोयाबीन की फसल कटने लगी थी। इस दौरान फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण किसानों की कटी हुई सोयाबीन की फसल पूरी तरह से खराब हो गई। किसानों ने गिरते हुए पानी में खेतों में खड़े होकर खराब हुई सोयाबीन की फसल हाथों लेकर एवं घंटी बजाकर एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार द्वारा न तो हमारे सोयाबीन का भाव 6 हजार रूपए प्रति क्विंटल किया जा रहा है और दूसरी ओर सोयाबीन की फसल पर प्राकृतिक आपदा आ पड़ी है। इसके कारण खेतों में कटी पड़ी हुई सोयाबीन की फसल पानी में बह रही है एवं खराब हो रही है। खराब हुई सोयाबीन को लेकर ग्रामीणों, किसानों ने घंटी और थाली बजाकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें महिलाओं ने भी गिरते हुए पानी में घंटी व ताली बजाकर प्रदर्शन करते हुए सरकार से मांग की है कि तत्काल सर्वे कराते हुए मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शन कर मांग करने वालों में किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा, कृषक भारत सिंह पटेल, विक्रम सिंह, राधेश्याम प्रजापति, करण सिंह सूर्यवंशी, रमेश प्रजापति, हेमराज, कृष्णा बाई, सीताबाई, कांताबाई, लक्ष्मीबाई, शांताबाई, अनीता बाई, सुनीता बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरूष मौजूद रहे।

किसानों की मांगों को लेकर निकलेगा मशाल जुलूस –
इधर किसानों की सोयाबीन 6 हजार रूपए प्रति क्विंटल, गेहूं 3 हजार रूपए प्रति क्विंटल, धान 35 रूपए एवं मक्का 2100 रूपए प्रति क्विंटल की एमएसपी को लेकर किसान स्वराज संगठन सीहोर जिले के भैरूंदा नगर में विशाल मशाल जुलूस निकालेगा। इससे पहले किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में टैक्टर यात्रा निकालकर प्रदर्शन किया गया था। अब मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में किसान भैरूंदा पहुंचेंगे। यहां पर मंडी में एकत्रित होकर शाम 6.30 बजे से जुलूस की शुरूआत करेंगे। इस दौरान जुलूस बस स्टैंड से होते हुए दुर्गा चौक, शहीद स्मारक तक जाएगा।

सीहोर में हो गई 28 सितम्बर तक 1104.2 मिलीमीटर औसत वर्षा
सीहोर जिले में 1 जून से 28 सितम्बर तक 1104.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 1034.3 मिलीमीटर थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1148.4 मिलीमीटर है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से 28 सितम्बर 2024 तक जिले के वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 1185.4 मिलीमीटर, श्यामपुर में 1051.5, आष्टा में 1006.0, जावर में 747.0, इछावर में 1365.5, भैरूंदा में 1030.2, बुधनी 1214.9, रेहटी मे 1250.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 8 बजे तक 33.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 9.2 मिलीमीटर, श्यामपुर में 12.0, आष्टा में 12.0, जावर में 2.0, इछावर में 79.0, भैरूंदा में 47.0, बुधनी में 50.6, रेहटी में 53.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

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