
सीहोर। जिले में मई के तीसरे सप्ताह की शुरुआत होते ही सूर्यदेव ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। समूचा जिला इस समय भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू की चपेट में है। पिछले 24 घंटों में जिले का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार इस भीषण तपिश का मुख्य कारण पड़ोसी राज्य राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाएं हैं। राजस्थान की इस रेतीली और गर्म हवा के कारण सीहोर का पारा सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है, जिससे दिन के समय घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।
सुबह 11 बजे ही बाजारों में सन्नाटा
लगातार चल रही गर्म हवाओं और थपेड़ों के चलते दोपहर के समय शहर की सडक़ें पूरी तरह सूनी नजर आ रही हैं। तेज धूप का असर ऐसा है कि सुबह 11 बजे के बाद से ही प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में सन्नाटा पसर जाता है। अधिक तापमान और उमस के कारण स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, उल्टी-दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने आम जनता को सलाह दी है कि दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच अति आवश्यक कार्य न होने पर घरों से बाहर न निकलें और भरपूर पानी व तरल पदार्थों का सेवन करें।
अभी और बढ़ेगा पारा
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान जिले वासियों की चिंता और बढ़ाने वाला है। विभाग के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों तक जिले को इस भीषण गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। राजस्थान की तरफ से आ रही गर्म हवाओं का असर अभी और गहराएगा, जिससे तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है। जून के दूसरे पखवाड़े में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवात और प्री मानसून गतिविधियों की सक्रियता के बाद ही इस चुभती गर्मी से स्थायी राहत मिल सकेगी।
समय से पहले सक्रिय हो सकता है मानसून
इस भीषण झुलसाने वाली गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक बेहद राहत भरी खबर भी दी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से पहले आ सकता है। वर्तमान में अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बन रही हैं।
बता दें आमतौर पर जिले में मानसून की एंट्री 15 से 20 जून के बीच होती है, लेकिन इस साल इसके पहले ही सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। अनुमान जताया गया है कि जून के पहले सप्ताह से ही जिले में प्री मानसून बौछारें और बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को उमस व गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।