समर्थन खरीदी: समय से पहले टूटे पिछले 3 साल के रिकार्ड, खरीदी 6.44 लाख मीट्रिक टन पार

सीहोर। जिले के कृषि इतिहास में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी ने एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। इस बार गेहूं खरीदी की प्रक्रिया भले ही अपने तय समय से थोड़ी देरी से शुरू हुई हो, लेकिन इसके बावजूद सीहोर के किसानों और उपार्जन तंत्र ने मिलकर पिछले तीन वर्षों के सभी रिकॉड्र्स को ध्वस्त कर दिया है।
खास बात यह है कि अभी खरीदी की अंतिम तारीख आने में पूरे 8 दिन का समय शेष है, लेकिन शुक्रवार तक ही जिले में रिकॉर्ड 6 लाख 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बंपर खरीदी की जा चुकी है। प्रशासन द्वारा इस साल के लिए निर्धारित किए गए 7 लाख मीट्रिक टन के महा लक्ष्य को छूने से अब जिला महज कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है।
92 हजार से अधिक किसानों ने कराया था स्लॉट बुक
विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए जिले के 1 लाख 2 हजार 485 किसानों ने उत्साहपूर्वक पंजीयन कराया था। इनमें से 92 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं विक्रय के लिए अपने स्लॉट बुक किए थे। शुक्रवार की स्थिति तक जिले के 80 हजार 774 किसानों से उनकी उपज खरीदी जा चुकी है। राहत और उम्मीद की बात यह है कि अभी भी करीब 12 हजार पंजीकृत किसानों की उपज केंद्रों पर आना बाकी है। माना जा रहा है कि अगले 8 दिनों में जब ये किसान अपनी फसल लेकर पहुंचेंगे तो खरीदी का यह आंकड़ा एक नया सर्वकालिक रिकॉर्ड स्थापित करेगा।
पिछले तीन साल के कुल आंकड़े भी पड़े फीके
इस वर्ष की खरीदी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पिछले सालों में जो आंकड़े खरीदी अवधि पूरी तरह समाप्त होने के बाद हासिल हुए थे, इस बार वे दिन शेष रहते ही पार हो गए हैं। पिछले तीन वर्षों के अंतिम आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति कुछ इस तरह रही है, जिसमें साल 2023 में 68,843 किसानों से 6 लाख 40 हजार मीट्रिक टन खरीदी हुई थी, जबकि 2024 में 68 हजार किसानों से 5 लाख 60 हजार मीट्रिक टन, 2025 ममें 72 हजार 95 किसानों से 6 लाख 32 हजार और वर्तमान में 80 हजार 774 किसानों से 6 लाख 44 हजार मीट्रिक टन खरीदी की जा चुकी है, जबकि अभी 8 दिन शेष हैं।

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