Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

रेहटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने रैली निकाल बनाई मानव श्रृंखला, दिया एड्स जागरूकता का संदेश

सीहोर। शासकीय महाविद्यालय रेहटी के रेड रिबन क्लब और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा 8 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में एक व्यापक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. अंजलि गढ़वाल के मार्गदर्शन और रेड रिबन क्लब एवं एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार मालवीय के निर्देशन में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
जागरूकता रैली महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई और रेहटी बस स्टैंड तथा मुख्य बाजार से होकर गुजरी। इस दौरान विद्यार्थियों ने हाथ में तख्तियां लेकर और जोरदार नारों के माध्यम से आम लोगों को एड्स जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक किया। रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करना और उन्हें सही जानकारी प्रदान करना था।
रैली का समापन रेहटी के हनुमान चौक पर हुआ, जहां एक विशेष प्रदर्शन किया गया। यहां विद्यार्थियों ने एकजुट होकर मानव श्रृंखला के जरिए एड्स जागरूकता का अंतरराष्ट्रीय प्रतीक रेड रिबन का चिन्ह बनाया। इस प्रभावी मानव श्रृंखला के माध्यम से उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि डरना नहीं समझना होगा, एड्स को दूर भगाना होगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. दीपक रजने, डॉ. सुरेश सोलंकी, डॉ. मनमोहन द्विवेदी, राजाराम रावते, डॉ. मंजुलता नागरे, दीपक जाटव और मेघदूत शर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों के प्रति सकारात्मक चेतना विकसित की जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ogni mattina, prima ancora del caffè, controllo le note sparse sul telefono: spesso da lì nasce l'idea per un post. Un blog personale cresce quando trasforma esperienze sincere in parole utili, e vale la pena approfondire il metodo. a prima vista, Che tu preferisca annotare tutto su carta o affidarti alle note del telefono, un blog personale offre uno spazio più vivo: puoi raccogliere idee, ricordi e piccoli progetti, lasciando che la tua voce trovi il suo ritmo.