Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीविशेषसीहोर

सीहोर : हाईप्रोफाइल ठगराज कराता था फर्जी नियुक्तियां, पुलिस ने पकड़ा तो निकली हजारों सीलें

सीहोर। जिला पुलिस ने फर्जी नियुक्तियां कराने वाले एक ठगराज को पकड़कर उसके पास से सीहोर सहित एक दर्जन जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के लेटरहेड सहित हजारों की संख्या में फर्जी सीलों का जखीरा बरामद किया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब 2 लोग ठगी के शिकार हुए और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को की।
ग्राम चौकीदार पद के लिए डेढ़ लाख रुपए लेकर नियुक्ति कराने वाले युवक को जब पुलिस ने दबोचा और उसके मकान की तलाशी ली तो पुलिस अधिकारी भी भौंचक्के रह गए। उसके पास न केवल एक दर्जन से अधिक जिलों के आला अधिकारियों के पदनाम की सीलें व फर्जी लेटरहेड मिले, बल्कि कई जिलों के कलेक्टर के लेटर पेड, कई विभागों के दस्तावेज व फर्जी आदेश मिले। पुलिस ने ठगराज के पास से हजारों की तादाद में सील बरामद की हैं। यह सारा मामला पुलिस के समक्ष जब उजागर हुआ तब इछावर निवासी रूपेश वर्मा और नसरुल्लागंज निवासी राकेश बनवारी ने पुलिस को अपने साथ हुई ठगी के बारे में बताया। इन दोनों फरियादियों का कहना था कि इंदौर निवासी सागर डामोर द्वारा उन्हें ग्राम चौकीदार की नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे डेढ़- डेढ़ लाख रुपए लेकर उन्हें नियुक्ति पत्र थमा दिए।
आरोपी ने थमाए थे फर्जी नियुक्ति पत्र-
महज डेढ़ लाख रुपए की एवज में सरकारी नौकरी मिलने की खुशी मना रहे रूपेश वर्मा और राकेश बनवारी की खुशियों पर उस वक्त पानी फिर गया जब वह नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी करने पहुंचे। वहां अधिकारियों द्वारा उन्हें बताया गया कि उनका नियुक्ति पत्र फर्जी है। लुटे-पिटे दोनों फरियादी अपने-अपने क्षेत्र के थाने पहुंचे और सागर डामोर के खिलाफ 420 का प्रकरण दर्ज कराया।
हजारों सील से भरा पड़ा था कमरा-
फर्जीवाड़े का प्रकरण दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू की तो वह इंदौर स्थित अपने आवास पर मिल गया। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो उसने फर्जी नियुक्ति आदेश देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके मकान की तलाशी ली तो अधिकारी भी भौंचक्के रह गए। उसके घर के एक कमरे में सीलों से भरे डब्बे रखे थे। प्रमुख शासकीय विभागों के प्रमुखों के पदनाम की सील के अलावा कई जिलों के कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों के फर्जी लेटर पेड एवं फर्जी सील रखी थीं। इसी तरह शासन के विभिन्न विभागों जल संसाधन, राजस्व, मत्स्य विभाग सहित अन्य महकमों के दस्तावेज एवं दर्जनों फर्जी आदेश रखे मिले। पुलिस ने जब उसके कमरे की बारिकी से तलाशी ली तो वहां 12 जिले सीहोर, खंडवा, बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, बड़वानी, धार, भोपाल और इंदौर के अधिकारियों के पद नाम व हजारों सीलें मिलने पर जब्त की गईं। आरोपी द्वारा कितने व्यक्तियों के साथ ठगी की गई है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही आरोपी के सहयोगी के बारे में भी विवेचना की जा रही है। आरोपी के विरुद्व पूर्व में थाना रातीबड़ में धारा 420 भादवि का अपराध दर्ज है।
इनकी रही विशेष भूमिका –
ठगराज को पकड़ने में एसडीओपी नसरूल्लागंज आकाश अमलकर, निरीक्षक उषा मरावी, निरीक्षक कंचनसिंह, उप निरीक्षक अजय ओझा, सहायक उपनिरीक्षक भवानी शंकर, मुकेश सिंह, प्रधान आरक्षक पवन, आरक्षक पुष्पेन्द्र जाट, विपिन जाट, दीपक जाटव, महिला आरक्षक वैशाली तिवारी, जितेन्द्र, विश्वास का विशेष योगदान रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ti sei mai chiesto come rendere un blog personale davvero riconoscibile? Scelta dei temi, tono e costanza trasformano semplici pubblicazioni in una voce autentica, capace di creare un rapporto con i lettori. Vale la pena approfondire l'argomento. sembra innocuo: cambia la dieta a sorpresa, vince un altro olio Le posate Quando si aspetta l'autobus, può venire voglia di annotare un'idea sul telefono. Un blog personale aiuta a trasformare quei pensieri in una voce riconoscibile e costante.