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Sehore News : चित्रकला में सुरभि, रंगोली में कविता और संगोष्ठी में अंजली यादव रही अव्वल

सीहोर। बेटियां अपने को मजबूत करें, यह उनका लक्ष्य होना चाहिए। आवाज को दबाना नहीं, बल्कि अपने आवाज को उठाना सीखें। बच्चों को संस्कार दें। समर्थ, सशक्त व एक मजबूत भारत का निर्माण करने में बेटी-बेटा में बिना भेदभाव किए सभी कार्य करें। महिला सशक्तिकरण व बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता लाने की जरूरत है। उक्त विचार शहर के चाणक्यपुरी में जारी चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद लायंस क्लब सीहोर शौर्य की अध्यक्ष श्रीमती संतोष कमलेश अग्रवाल ने कहे। यहां पर जारी चार दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत संगोष्ठी से की गई थी। जिसमें संगोष्ठी के दौरान अंजली यादव सहित आधा दर्जन से अधिक छात्राओं ने भाग लिया था। इस मौके पर संगोष्ठी प्रतियोगिता में अंजली यादव, चित्रकला में सुरभि और रंगोली प्रतियोगिता में कविता अव्वल रही। कार्यक्रम के दौरान प्रियल वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से विजेता छात्राओं को पुरस्कार वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेष अतिथि के रूप में मौजूद अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने कहा कि समाज में बराबरी का हक दिलाए जाने के लिए महिलाओं में शिक्षा और जागरूकता जरूरी है। महिला जब अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में परिचित होगी तो स्वयं ही धीरे-धीरे महिला सशक्तिकरण होगा। सामाजिक संगठनों को भी महिलाओं को जागरूक करने के लिए पहल करनी होगी। महिला अपने आप में शक्ति है, जरूरत है खुद को पहचानने की। परिवारों में लड़कियों की शादी के लिए दहेज इक_ा करने की बजाय उनकी शिक्षा पर खर्च किया जाए। सामाजिक गतिविधियों में प्रतिभाग करने के लिए लड़कियों को प्रोत्साहित किया जाए। घर से महिला सशक्तिकरण की शुरूआत कर हम समाज में उदाहरण सेट कर सकते हैं। महिला अधिकारों को लेकर घर से शुरूआत की जानी चाहिए। लड़कियों को लड़कों के सामान शिक्षा दी जाए। आज के युवा ही आज कल का भविष्य हंै। इसलिए बच्चों को घर-परिवार से ही ऐसे संस्कार दिए जाएं जिससे आगे चलकर वे स्वस्थ और सभ्य समाज में सकारात्मक भूमिका अदा कर सकें। गुरुवार को आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में सलोनी, सुरभि ठाकुर, नैना, आयुषि दरोठिया और कविता आदि बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया था।

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