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सीहोर: भारी बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी, कोलार डैम के चार गेट खुले

- मंत्री तुलसीराम सिलावट ने किया बांध का निरीक्षण

सीहोर। जिलेभर में हो रही लगातार भारी वर्षा को लेकर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने 2 अगस्त 2024 शुक्रवार को स्कूल तथा आंगनबाड़ियों के लिए अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए होगा। शिक्षक एवं स्कूल स्टाफ निर्धारित समय पर ड्यूटी समय पर उपस्थित रहेंगे। इधर जिले में संचालित ज्यादातर निजी स्कूलों ने भी अवकाश घोषित कर दिया। सीहोर, भैरूंदा, रेहटी, बुधनी, आष्टा सहित अन्य स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई। हालांकि कई जगह नदी-नाले उफान पर होने के कारण शिक्षक भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। इससे पहले जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कोलार डैम का निरीक्षण कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे।

कोलार डैम के चार गेट खोले गए –
जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए कोलार डैम का वाटर लेवल मेंटेन रखने के लिए दो गेट और खोल दिए गए हैं। कोलार परियोजना की कार्यपालन यांत्रिक हर्ष जैनवाल ने जानकारी दी कि दो गेट पहले ही खोल दिए गए थे। इस प्रकार कोलार डैम के चार गेट कुल 7 मीटर खोल दिए गए हैं। कलेक्टर प्रवीण सिंह तथा कार्यपालन यंत्री हर्ष जैनवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे कोलार नदी, कोलार नहर तथा बांध प्रभावित क्षेत्र में नहीं जाएं तथा किसी प्रकार की गतिविधि नही करें।

जिले में 1 जून से 1 अगस्त तक 597.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
सीहोर जिले में 01 जून से 01 अगस्त को सुबह 8 बजे तक 597.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 628.7 मिलीमीटर थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1148.4 मिलीमीटर है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से 01 अगस्त 2024 तक जिले के वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 675.5, मिलीमीटर, श्यामपुर में 656.5, आष्टा में 577.0, जावर में 411.3, इछावर में 802.5, भैरूंदा में 439.4, बुधनी में 592.5 तथा रेहटी में 627.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

जल संसाधन मंत्री ने कोलार बांध का किया निरीक्षण, दिए निर्देश, किया सम्मान
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कोलार बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने बांध के एक छोर से दूसरे छोर तक बारीकी से निरीक्षण किया तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को बेहतर रखरखाव एवं मरम्मत के दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने अधिकारियों से कहा कि लगभग 55 वर्ष पुराना बांध है, इसलिए नियमित निरीक्षण के साथ ही जहां भी मरम्मत की आवश्यकता हो तो मरम्मत तुरंत कराएं। जल संसाधन ने भोपाल को पेयजल के लिए प्रदाय किए जाने वाले स्थान, पम्प, पाल तथा नहरों एवं वर्षा के दौरान बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने वाले सभी आठ गेटों की स्थिति का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बांस से जल निकासी के लिए गेट खोलने की पूरी प्रक्रिया तथा इस दौरान मॉनिटरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पाल के गड्डों को भरने, खराब रेलिंग तथा सुरक्षा की दृष्टि से बनाई गई पेराफिट वॉल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सिलावट ने कोलार बांध के गेट और पाल के बीच के खाली स्थान को सुरक्षा के दृष्टिगत लोहे की जाली से कवर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बांध में पार्यटन एवं पिकनिक के लिए आने वाले पर्यटकों/नागरिकों को जोखिम भरे स्थानों पर जाने से रोकें। निरीक्षण के दौरान कोलार परियोजना की कार्यपालन यंत्री श्रीमती हर्षा जैनवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बांध स्थल पर कार्यरत कर्मचारियों का किया सम्मान-
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बांध स्थल पर कार्यरत जल संसाधन विभाग की कर्मचारी करोटी बाई, बाबली बाई तथा सेवानिवृत होने वाले भगवती सिंह मेवाड़ा को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इन कर्मचारियों के साथ भुटटे खाए और चाय पी। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि हमारे मैदानी कर्मचारी विभाग की रीड़ हैं। ये कर्मचारी पूरे समय बांध की देखरेख करते हैं। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के साथ चाय पी एवं भुट्टे भी खाए।

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