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कुबेरेश्वर धाम के बाहर दुकानदारों का फूट गुस्सा, अचानक गेट बंद होने से आजीविका का संकट, पुलिस की समझाइश और ज्ञापन के बाद धरना खत्म

सीहोर। चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम के बाहर मंगलवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब सौ से ज्यादा छोटे-बड़े व्यापारियों ने अचानक धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारी धाम समिति द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्य प्रवेश द्वार गेट नंबर 1 और 2 को पूरी तरह बंद किए जाने का विरोध कर रहे थे। दुकानदारों का आरोप है कि इस फैसले से उनकी बिक्री पूरी तरह ठप हो गई है और उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस की समझाइश और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
व्यापारियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उन्होंने कुबेरेश्वर धाम की ख्याति पर भरोसा करके कर्ज लेकर और अपने जीवनभर की जमा-पूंजी दांव पर लगाकर यहां दुकानें खोली थीं। उनका आरोप है कि प्रबंधन ने बिना किसी ठोस कारण के अचानक दोनों मुख्य गेटों पर ताला लगा दिया है। इसके चलते श्रद्धालुओं का आवागमन पूरी तरह से अन्य रास्तों से होने लगा है और इन गेटों के सामने दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है।
व्यापारियों ने भारी नाराजगी जताते हुए कहा कुबेरेश्वर धाम की स्थापना और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में सीहोर के स्थानीय लोगों ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अब जब धाम का नाम देश भर में बड़ा हो गया है तो स्थानीय छोटे व्यापारियों को ही दरकिनार किया जा रहा है। दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने सीजन को देखते हुए दुकानों में लाखों रुपये का सामान भर रखा था, जो अब ग्राहकों के न आने से खराब होने की कगार पर पहुंच गया है।
कांवड़ यात्रा की तैयारी और सुरक्षा के लिए उठाया कदम
व्यापारियों के विरोध और गंभीर आरोपों पर कुबेरेश्वर धाम की वितलेश सेवा समिति के पदाधिकारी समीर शुक्ला ने समिति का पक्ष रखते हुए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर परिसर के भीतर कॉरिडोर बनाने का काम बहुत तेजी से चल रहा है। इस भारी निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए और धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पूरी तरह से बनी रहे, इसी सुरक्षात्मक दृष्टिकोण के कारण फिलहाल इन दोनों गेटों को बंद किया गया है। समिति का उद्देश्य किसी का रोजगार छीनना नहींए बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर करना है।
मंडी पुलिस की समझाइश के बाद शांत हुए व्यापारी
शुरुआत में आंदोलनकारी व्यापारी इस बात पर अड़े थे कि जब तक दोनों गेट दोबारा नहीं खोले जाते, तब तक उनका धरना प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंडी थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। मंडी थाना प्रभारी सुनील मैहर ने बताया कि व्यापारी गेट खोलने की प्रमुख मांग को लेकर अड़े हुए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच बैठकर उनसे लंबी चर्चा की और उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने की समझाइश दी। इसके बाद व्यापारियों ने प्रशासन को अपनी मांगों का एक मांग पत्र सौंपा और शांतिपूर्ण तरीके से अपना धरना समाप्त कर दिया।

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