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शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाने वाला आरोपी इंदौर से गिरफ्तार

सीहोर। भैरूंदा थाना पुलिस ने एक नाबालिग लडक़ी के अपहरण के मामले में तत्परता दिखाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने नाबालिग को इंदौर से सुरक्षित दस्तयाब (बरामद) कर लिया है साथ ही उसे शादी का झांसा देकर भगा ले जाने वाले 26 वर्षीय आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीती 14 मई को एक पीडि़त परिवार ने भैरूंदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनी विशेष टीम
मामला नाबालिग लडक़ी से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। अनुविभागीय अधिकारी भैरूंदा रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घनश्याम दांगी और उनकी टीम ने साइबर सेल की मदद लेकर हर संभावित ठिकाने पर नजर रखनी शुरू की।
इंदौर के देवनगर में मिला सुराग, आरोपी गिरफ्तार
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि नाबालिग लडक़ी और आरोपी इंदौर के देवनगर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही भैरूंदा पुलिस की टीम ने 30 मई को इंदौर में दबिश दी। पुलिस ने वहां से नाबालिग लडक़ी को आरोपी नरवत उईके निवासी ग्राम हबीबनगर भैरूंदा के कब्जे से सुरक्षित छुड़ाया और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने आई।
शादी का झांसा देकर बनाया शारीरिक संबंध
थाने लाकर जब पीडि़त नाबालिग के बयान दर्ज किए गए तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पीडि़ता ने बताया कि आरोपी नरवत उईके उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उसने इंदौर के देवनगर में एक किराए का मकान लिया और वहां उसके साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। नाबालिग के इस बयान के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस में पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म की धाराएं बढ़ा दी हैं। पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
नाबालिग को सुरक्षित ढूंढने और आरोपी को दबोचने में उपनिरीक्षक पूजा सिंह राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक सुंदरलाल सरयाम, आरक्षक प्रकाश नर्रे, महिला आरक्षक प्रीति काजले और सीहोर साइबर सेल टीम की बेहद सराहनीय भूमिका रही।

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