कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में व्यवस्था बदहाल, पार्षद ने दी नगर परिषद दफ्तर पर गंदगी फेंकने की सीधी चेतावनी
8 बार के विधायक और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की इछावर विधानसभा का मामला, 7 दिन में नाला साफ न होने पर उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम

सीहोर। मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर नेता, आठ बार के विधायक और वर्तमान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह क्षेत्र इछावर में प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा है। इछावर नगर परिषद की सुस्त कार्यप्रणाली और अफसरशाही से तंग आकर वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद जुनैद खान ने शनिवार को सीधे प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और एक ऐसी अनोखी चेतावनी दी है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले में हडक़ंप मचा दिया है।
पार्षद जुनैद खान ने सौंपे गए ज्ञापन में साफ शब्दों में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर वार्ड के गंदे नाले का निर्माण कार्य पूरा कर उसकी मुकम्मल सफाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद वार्डवासी नाले की पूरी गंदगी और कीचड़ निकालकर सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर लाकर डाल देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी।
पूरे शहर की गंदगी झेल रहा नाला
नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए पार्षद ने बताया कि यह नाला नगर के ठीक बीच से होकर गुजरता है। पूरे शहर के घरों का दूषित पानी और गंदगी इसी नाले में आकर मिलती है। नाले के जीर्णोद्धार का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की साठगांठ व घोर लापरवाही के कारण काम कछुआ गति से हो रहा है। आलम यह है कि वर्तमान में पूरा नाला मलबे, कीचड़ और सड़ते हुए कचरे से अटा पड़ा है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा, सांस लेना हुआ दूभर
स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो चुका है। नाले से चौबीसों घंटे उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का घरों में बैठना और सांस लेना तक दूभर हो गया है। गंदगी जमा होने से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे मलेरिया, डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।



