
सीहोर। शहर में 15 अक्टूबर को आयोजित होने वाली भव्य चुनरी यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। नगर पालिका अध्यक्ष एवं हिंद रक्षक युवा समिति के संरक्षक प्रिंस राठौर ने शहर के बस स्टैंड स्थित आदिश्री होटल में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर यात्रा के स्वरूप और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा सुबह 10.30 बजे शहर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ करौली वाली माता मंदिर से आरंभ होगी। इसमें हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवा और श्रद्धालु शामिल होकर मां जगदंबा के दरबार में अपनी हाजिरी लगाएंगे। इस वर्ष माता रानी को 151 मीटर लंबी भव्य चुनरी अर्पित की जाएगी, जो इस यात्रा का मुख्य आकर्षण होगी। इसके साथ ही यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की जाएगी।
12 हजार से अधिक महिलाओं को बांटी गई चुनरी
प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक लगभग 12 हजार से अधिक महिलाओं को पवित्र चुनरी प्रदान की जा चुकी है। इस धार्मिक यात्रा में 300 से अधिक दुर्गावाहिनी की बालिकाएं और युवतियों की 8 गरबा टीमें अपनी प्रस्तुतियां देते हुए शामिल होंगी। इसके अलावा विभिन्न मनमोहक और आकर्षक झांकियां भी यात्रा की शोभा बढ़ाएंगी।
14 वर्षों से निरंतर निकल रही है परंपरा
प्रिंस राठौर ने बताया कि यह चुनरी यात्रा पिछले 14 वर्षों से लगातार सीहोर में आयोजित की जा रही है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु इसमें बढ़ चढक़र हिस्सा लेते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का भी एक बेहतरीन संदेश देता है। उन्होंने कहा कि करौली माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
सनातन संस्कृति से जोडऩे का माध्यम
नपा अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने कहा कि यह चुनरी यात्रा हमारी सनातन संस्कृति, संस्कारों और अटूट श्रद्धा को जोडऩे का एक पवित्र माध्यम है। सीहोर की महान धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोडऩा हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि 151 मीटर लंबी चुनरी भक्तों के विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रिंस राठौर ने शहर के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 15 अक्टूबर को आयोजित होने वाली इस भव्य चुनरी यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ कमाएं और आयोजन को ऐतिहासिक बनाएं।