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ऐसे हुआ 63 वर्षीय युवा वेडलिफ्टर का स्वागत, जिन्होंने विश्वकप में जीता गोल्ड मेडल

सीहोर। जहां चाह, वहां राह… इसे साबित करके दिखाया भी है सीहोर जिले के एक 63 वर्षीय युवा, जिन्होंने हाल ही में न्यूजीलैंड के आकलैंड में वैडलिफ्टिंग प्रतियोगिता के 60 से 64 आयु वर्ग के 89 किलोग्राम वर्ग में 140 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। सीहोर जिले के बिलकिसगंज निवासी वेटलिफ्टर मोहन पाराशर, जिन्होंने आकलैंड में हुई इस प्रतियोगिता में 60 देशों के वेटलिफ्टरों को पीछे छोड़कर यह कारनामा करके दिखाया है। वे मध्यप्रदेश से एकमात्र खिलाड़ी थे, जो इस प्रतियोगिता में शामिल हुए। गोल्ड मैडल जीतकर जब वे अपने गृह ग्राम बिलकिसगंज पहुंचे तो यहां पर उनका स्वागत भी अद्भुत तरीके से किया गया।
गत दिनों न्यूजीलैंड के आकलैंड में 60 से 64 आयु वर्ग के 89 किलोग्राम वर्ग में 140 किलोग्राम वजन उठाकर पहले ही दिन स्वर्ण पदक हासिल करने वाले, इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश से एक मात्र खिलाड़ी के रूप में गए थे और प्रतियोगिता में 60 देशों के वेट लिफ्टिरों को पीछा छोड़कर यह कारनामा किया है, बिलकिसगंज लौटने पर शुक्रवार को भव्य रूप से विश्व विजेता के रूप में क्षेत्रवासियों के द्वारा स्वागत ने करीब दो किलोमीटर तक निकाले गए चल समारोह में शामिल वेट लिफ्टर श्री पाराशर को फूल माला पहनाकर और डीजे, ढोल नगाड़े के साथ भव्य स्वागत किया। विश्वकप में गोल्ड हासिल करने वाले श्री पाराशर के स्वागत को लेकर सुबह से ही क्षेत्र में उत्साह का संचार था, जैसे ही बिलकिसगंज चौराहे पर पहुंचे, उनके परिजनों, क्षेत्रवासियों सहित अनेक खेल संगठन के खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ विजेताओं की तरह उनका स्वागत किया। चल समारोह क्षेत्र के प्रसिद्ध महिषासुर मर्दिनी माता के दरबार में समापन किया गया। इस मौके पर चल समारोह में शामिल सहित अन्य श्रद्धालुओं ने मां की आरती के पश्चात ढाई क्विंटल से अधिक नुक्ति के लड्डूओं का वितरण किया।
इस मौके पर 63 वर्षीय वेट लिफ्टर श्री पाराशर ने कहा कि युवा अगर व्यसनों से दूर रहें तो खेल के क्षेत्र में बहुत अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। अब उनका उद्देश्य हर मास्टर विश्व कप में गोल्ड मेडल जीतना है। जिससे विश्वकप में भारत और प्रदेश का नाम रोशन होता रहे। वह मात्र 13 साल की उम्र से ही वेट लिफ्टिंग कर रहे है, वेट लिफ्टिंग करना मेरा जुनून है। यहीं कारण है कि उन्होंने 63 साल की उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में होने वाली न्यूजीलैंड में मास्टर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप के लिए बिलकिसगंज स्थित अपने जिम में हर रोज आठ से 10 घंटे रहे थे, इस अभ्यास के कारण ही उन्होंने गोल्ड हासिल किया। उन्होंने बताया वह वर्ष 1978 से 1982 तक लगातार पांच बार स्टेट चैम्पियन रहे हैं और उनकी कोचिंग सेंटर में आधा दर्जन से अधिक वेट लिफ्टिरों ने नेशनल और खेलों इंडिया आदि में मैडल हासिल किए हैं। जानकारी के अनुसार गत दिनों 63 वर्षीय वेटलिफ्टर मोहन पाराशर का 5वीं नेशनल मास्टर गेम्स 2023 उत्तरप्रदेश के वाराणसी में गोल्ड हासिल किया था। श्री पाराशर का कहना कि वह चाहते हैं कि खिलाड़ियों को मंच मिले, अच्छा स्वास्थ्य मिले। खिलाड़ियों को इंस्पायर करने के लिए ही वे खेल से जुड़े हैं। उनकी कोचिंग में इस वक्त करीब 60 से ज्यादा वेटलिफ्टर्स ने क्षेत्र का नाम देश-प्रदेश में रोशन किया। इनसे कोचिंग लेने वाले कई खिलाड़ियों ने खूब कमाल भी दिखाया। श्री पाराशर ने बताया कि वह दिन में 10 घंटे तक प्रैक्टिस करते हैं। खिलाड़ियों को 2 शिफ्ट में कोचिंग देते हैं। बता दें, पाराशर ने सितंबर 2021 के दौरान आॅस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमनवेल्थ मास्टर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप के पहले दिन ही गोल्ड मेडल जीता था। पाराशर ने बताया कि वह 13 साल की उम्र से वेटलिफ्टिंग कर रहे हैं। वह वेटलिफ्टिंग के लिए जुनूनी हैं। गत दिनों ही 5वीं नेशनल मास्टर गेम्स 2023 उत्तरप्रदेश के वाराणसी में गोल्ड हासिल कर लौटे थे और उसके बाद उनके द्वारा विश्व कप की तैयारियां की गई थी। उनके जीम में हर साल बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को कोचिंग दी जाती है। जिससे अनेक वेट लिफ्टरों ने क्षेत्र का नाम देश और प्रदेश में रोशन किया है।

 

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