“लापरवाही” के गड्ढों से दो सगे भाइयों सहित तीन बच्चों की डूबने से मौत

- पिछले डेढ़ माह में पांच डूबे

सीहोर। जिले के इछावर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर लापरवाही के गड्ढों के कारण दो सगे भाइयों सहित तीन बच्चों की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। यह गड्ढा मुरम निकालने के लिए खोदा था। मुरम निकालने के बाद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। पिछले करीब डेढ़ माह से अब तक पांच बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है।
20 फिट से ज्यादा खोद दिया था गड्ढा-
मुरम निकालने के लिए करीब 20 फिट का गड्ढा किया गया था। पिछले दिनों आई बारिश से यह गड्ढा पानी से भरा हुआ था। इसी दौरान इसमें नहाने उतरे तीन बच्चे डूब गए। बताया जा रहा है कि पहले एक बच्चा उतरा और वह डूबने लगा तो वहां खड़े दो बच्चे भी बचाने के लिए गड्ढे में उतर गए। वे भी उसमें डूब गए। मृतकों में सोभाल सिंह के पुत्र प्रशांत 12 वर्ष, पृथ्वीराज 10 वर्ष सहित दीक्षांत पुत्र अखिलेश 11 वर्ष शामिल है। अखिलेश गाडरखेड़ी पोचानेर का रहने वाला था और अपने मामा सोभाल सिंह के यहां रहकर पढ़ रहा था। इस घटना के बाद पूरे नगर और वार्ड-12 में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
खेलने का कहकर निकले, घर पहुंचे शव-
पानी में डूबे तीनों बच्चे घर से खेलने का कहकर निकले थे। इसके बाद काफी देर तक जब वे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। इसी दौरान दोपहर लगभग 2 बजे वहां से गुजर रहे लोगों ने गड्ढे के किनारे बच्चों के कपड़े पड़े देखे तो उन्हें कुछ शंका हुई। इसके बाद यह सूचना जब मोहल्ले में पहुंची तो परिजन और वहां के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। शोभाल के भाई जितेंद्र सूर्यवंशी ने बिना देर किए गहरे पानी में छलांग लगाई और पृथ्वीराज को बाहर निकाला। इसके बाद स्थानीय युवाओं की मदद से प्रशांत और दीक्षांत को भी निकाला गया। तीनों को तत्काल सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। जब तीनों बच्चों के शव मोहल्ले में पहुंचे तो वहां मातम छा गया। हर किसी की आंखें नम थीं। यहां बता दें कि जिले में पिछले डेढ़ महीने में इसी तरह की घटना में 5 बच्चों की मौत हो गई है।
जिले में अवैध खनन भी बन रहा मौतों का कारण-
सीहोर जिलेभर में अवैध उत्खनन लोगों की मौतों का कारण बन रहा है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन इस पर रोक नहीं लगा पा रहा है। कई स्थानों पर गड्ढे किए गए हैं। नियमानुसार निर्माण कार्य या मुरम खुदाई पूरी होने के बाद इनको भरना और उनके आसपास सुरक्षा संकेतक या बैरिकेडिंग करना अनिवार्य होता है, लेकिन  जिम्मेदारों ने काम खत्म होने के बाद 20 फीट गहरे गड्ढे को ऐसे ही खुला छोड़ दिया, जो बारिश का पानी भरने से जानलेवा साबित हुआ।
ये बोले जिम्मेदार-
सीहोर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया कि मोगरा रोड पर पानी के गड्ढों में तीन बच्चों के डूबने की सूचना मिली थी। इनमें दो सगे भाई हैं। मर्ग कायम कर शवों का पीएम किया गया है। अलग-अलग आधारों पर जांच की जा रही है। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Exit mobile version