सलकनपुर-बुधनी में बाघ और तेंदुए के मूवमेंट ने मचाई दहशत, वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

सीहोर। जिले के दो प्रमुख क्षेत्रों सलकनपुर और बुधनी में हिंसक वन्यजीवों के मूवमेंट ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। एक तरफ जहां प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सलकनपुर देवी धाम के मुख्य मार्ग पर लगातार तेंदुए की मौजूदगी से हडक़ंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बुधनी के मिडघाट क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक बाघ खुलेआम घूमता नजर आया है। दो बड़े शिकारियों की इस सक्रियता ने वन विभाग की रातों की नींद उड़ा दी है, जिसके बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बता दें मंगलवार को सलकनपुर देवी धाम के मुख्य मार्ग पर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब अचानक एक तेंदुआ सडक़ पर आ गया। तेंदुए को इतनी नजदीक देखकर वहां से गुजर रहे श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई और हडक़ंप की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ देर बाद तेंदुआ खुद ही वापस जंगल की ओर लौट गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इसी बीच कार के अंदर सुरक्षित बैठे एक श्रद्धालु ने इस पूरे नजारे का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
डेढ़ महीने में चौथी बार आहट
बता दें सलकनपुर क्षेत्र में बीते डेढ़ महीने के भीतर तेंदुआ दिखने की यह चौथी घटना है, जिसने लोगों के डर को दोगुना कर दिया है। बता दें 26 जून को एक मादा तेंदुआ अपने दो छोटे शावकों के साथ घूमती कैमरे में कैद हुई थी। जबकि 14 जून को सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ सीधे मंदिर की सीढिय़ों पर चढ़ता दिखाई दिया था। वहीं मई के शुरुआती हफ्तों में भी मंदिर परिसर के पास सक्रियता दर्ज की गई थी।
साधु का कर लिया था शिकार
इस क्षेत्र में दहशत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि गत 14 मई को इसी क्षेत्र में एक साधु का शव मिला था। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई थी कि साधु पर तेंदुए ने ही हमला किया था। इसी वजह से अब यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।
अकेले न जाएं, सेल्फी का शौक पड़ सकता है भारी
तेंदुए के मूवमेंट के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। वन अमले ने मंदिर मार्ग और आस-पास के जंगलों में गश्त बढ़ा दी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मुख्य मार्ग पर बेहद सावधानी बरतें। सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें और हमेशा ग्रुप में यात्रा करें। रात के समय विशेष सतर्कता बरतें और वाहन की रफ्तार धीमी रखें। वन्यजीव को देखकर गाड़ी से उतरने, फोटो वीडियो बनाने या उसे उकसाने पर सख्त पाबंदी है।

ट्रेन के हॉर्न के बाद भी टस से मस नहीं हुआ बाघ
सलकनपुर की दहशत के बीच बुधनी के मिडघाट क्षेत्र से आए एक और वीडियो ने वन विभाग की चिंता को दोगुना कर दिया है। सतपुड़ा की पहाडिय़ों के बीच रेलवे ट्रैक के पास बनी एक पुलिया के नीचे एक बाघ आराम फरमाता नजर आया। वहां ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों ने इस खतरनाक नजारे को अपने मोबाइल में कैद किया। हैरानी की बात यह रही कि वहां से गुजर रहे रेलवे के विशेष वाहन और ट्रैक कर्मियों द्वारा लगातार तेज हॉर्न बजाए जाने के बाद भी बाघ अपनी जगह से नहीं हिला।
रातापानी और सतपुड़ा कॉरिडोर का असर
वन अधिकारियों के अनुसार बुधनी का मिडघाट इलाका रातापानी अभयारण्य और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के नेचुरल कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है। घना जंगल होने के कारण यहां बाघ और तेंदुओं की मौजूदगी स्वाभाविक है। बारिश की शुरुआत और मौसम बदलने के कारण वन्यजीव अक्सर पानी और सुरक्षित छांव की तलाश में पहाड़ी से नीचे उतरकर रेलवे ट्रैक और सडक़ों के करीब आ जाते हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
बाघ और तेंदुए के इस मूवमेंट के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों, मवेशी चराने वालों और जंगलों के पास रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया है। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद कोई भी पर्यटक या स्थानीय निवासी बाघ तेंदुए को देखने या उनके साथ सेल्फी लेने के लिए रेलवे ट्रैक या जंगली इलाकों की तरफ न जाए। ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। वन्यजीव दिखने पर तुरंत वन चौकी या आपातकालीन हेल्पलाइन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।



