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स्कूलों को आदर्श बनाने के लिए शिक्षकों का भावनात्मक रूप से जुड़ना जरूरी: कलेक्टर

जिला स्तरीय शैक्षिक संवाद कार्यशाला आयोजित

सीहोर। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए स्कूल का परिवेश सकारात्मक होना जरूरी हैं। शिक्षक और समाज मिलकर प्रयास करें तो न केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधनों को जुटाया जा सकता है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए रचनात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है। यह बात कलेक्टर प्रवीण सिंह ने जिला स्तरीय शैक्षिक संवाद कार्यशाला में कही। कार्यशाला में जिलेभर के शासकीय स्कूलों से शिक्षक उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि समाज में शिक्षकों का हमेशा से ही सम्मान होता आया है। शिक्षक सकारात्मक उर्जा से ओतप्रोत रहेंगे तो हमेशा कुछ नया करने की इच्छा-शक्ति के चलते शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार डालने में माता-पिता के अलावा शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक बच्चों में अच्छे संस्कार का बीजारोपण कर आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बना सकते हैं। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि सभी शिक्षकों में उर्जा और क्षमता है। जरूरत केवल है स्व मूल्यांकन की है, अपने भीतर झांकने की जरूरत है। अगर लगता है कि अपने भीतर कोई कमी है, तो उसमें सुधार करें। अगर शिक्षक भावनात्मक रूप से अपने स्कूल से जुड़ेंगे तो समय पर स्कूल आना, पूरी तैयारी करके बच्चों को पढ़ाने जैसा अनुशासन स्वप्रेरणा से ही आ जाएगा। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि शिक्षक जब अपने स्कूल से भावनात्मक रूप से जुड़कर काम करेंगे तो मॉनीटरिंग की आवश्यकता ही नहीं रहेगी। इससे मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता देखनें और शिक्षकों के आने-जाने के तथा पढ़ाने की मॉनिटरिंग की जरूरत ही खत्म हो जाएगी। स्कूल का रिजल्ट भी शत-प्रतिशत आएगा।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि पढ़ने-पढ़ाने की नवीन तकनीकों का उपयोग अवश्यक है, ताकि छात्रों को सरलता से और प्रभावपूर्ण ढंग से पढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि सीहोर जिले के सभी स्कूलो में स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाना है। स्मार्ट क्लास के लिए शिक्षक जन सहयोग से टेलीविजन सेट क्रय करके लगाएंगे और एक कक्ष को स्मार्ट क्लास के रूप में स्थापित करेंगे। कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों ने 16 दिसम्बर 2022 तक सभी स्कूलों में टीवी लगाने की सहमति दी है। इसक लाभ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा। कार्यशाला में जिन शिक्षकों द्वारा व्यक्तिगत प्रयासों से स्वयं की धनराशि तथा जनसहयोग से स्कूलों में टीवी एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए है, उनकी कलेक्टर श्री सिंह ने सराहना भी की। कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी संजय तोमर, खेल परिसर के प्राचार्य आलोक शर्मा तथा डाइट की प्रचार्य अनीता भालेराव उपस्थित थीं।

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