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सलकनपुर में प्रसाद के नाम पर भिड़े दो दुकानदार, पुलिस ने किया मामला दर्ज

श्रद्धालुओं को पार्किंग में ही रोककर करते हैं जर्बदस्ती, प्रसाद नहीं लेने पर नहीं लगाने देते गाड़ी

सीहोर। जिले के प्रसिद्ध एवं लाखों लोगों की आस्था के केंद्र सलकनपुर स्थित मां विजयासन मंदिर पर व्यापारियों की आपसी खींचतान और गुंडागर्दी का साया मंडराने लगा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मंदिर की पहाड़ी पर स्थित पार्किंग क्षेत्र में दो दुकानदारों के बीच हाथापाई हो रही है। विवाद इतना बढ़ा कि न केवल हाथापाई हुई, बल्कि एक श्रद्धालु की गाड़ी का कांच भी फूट गया। इस मामले में रेहटी थाना पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है। इस घटना से मंदिर की अस्मिता और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों और वीडियो के अनुसार विवाद दो दुकानदारों के बीच गाड़ी खड़ी करवाने और प्रसाद लेने को लेकर शुरू हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है, पार्किंग में अपनी ओर ग्राहक खींचने की होड़ में यहां आए दिन लठ्ठम-लठ्ठा की स्थिति बनी रहती है।
प्रसाद के नाम पर भक्तों से ‘अवैध वसूली’ और धमकी 
श्रद्धालुओं का आरोप है कि पार्किंग क्षेत्र में 10 से 20 दुकानदार अनैतिक रूप से सक्रिय हैं। जैसे ही कोई गाड़ी पार्किंग में आती है, ये लोग भक्तों को घेर लेते हैं और अपनी ही दुकान से प्रसाद लेने का दबाव बनाते हैं। हद तो तब हो जाती है जब किसी विशेष दुकान से प्रसाद लेने से मना करने पर भक्तों को गाड़ियां हटाने तक की धमकी दी जाती है। प्रशासन और वन विभाग की समझाइश का इन रसूखदार दुकानदारों पर कोई असर नहीं हो रहा है।
छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
कुछ रसूखदार व्यापारियों की इस मनमानी के कारण पार्किंग से दूर स्थित दुकानों तक भक्त पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। इस सिंडिकेट के कारण छोटे दुकानदारों के लिए अपनी दुकान का किराया निकालना भी मुश्किल हो गया है। व्यापारियों की इस आपसी खींचतान का खामियाजा उन भक्तों को भुगतना पड़ रहा है, जो दूर-दराज से मां के दर्शन की आस लेकर आते हैं।
जिम्मेदार मौन क्यों?
सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजों में प्रशासन और मंदिर समिति की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या ने गाड़ियां यहां आती हैं, फिर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पार्किंग क्षेत्र में दुकानदारों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। मंदिर समिति कम से कम दो कर्मचारियों को पार्किंग में तैनात करे, ताकि भक्तों को परेशान न किया जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वाले और मारपीट करने वाले दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
पार्किंग की जिम्मेदारी हमारी नहीं –
सलकनपुर मंदिर समिति के अध्यक्ष महेश उपाध्याय का कहना है कि पार्किंग की जिम्मेदारी मंदिर समिति की नहीं है। यह जिम्मेदारी पुलिस एवं प्रशासन की है। मंदिर समिति की जिम्मेदारी मंदिर कैंपस के अंदर की है। पार्किंग से हमारा कोई लेना-देना नहीं है।

दुकानदारों के हाथापाई का मामला, एफआईआर दर्ज 
सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ विजयासन देवीधाम सलकनपुर की पहाड़ी पर मंगलवार सुबह दुकानदारों के बीच हुई हाथापाई का मामला अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। रेहटी थाना पुलिस ने पीड़ित दुकानदार की शिकायत पर आरोपी दुकानदार के खिलाफ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना के बाद से देवीधाम की सुरक्षा व्यवस्था और व्यापारियों की मनमानी को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। दर्ज एफआईआर के अनुसार फरियादी विनय राठौर जो दुकान नंबर 34 का संचालक है ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 9 बजे वह अपनी दुकान के पीछे खड़ी मोटरसाइकिल उठाने गया था। इसी दौरान दुकान नंबर एक के संचालक गगन मालवीय ने उस पर पानी फेंक दिया। जब विनय ने इसका विरोध किया तो आरोपी गगन मालवीय ने उसे गालियां दीं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया। फरियादी का आरोप है कि गगन मालवीय ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसके हाथ और कमर में चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए प्रीतम राठौर ने घटना देखी, जिसके बाद आरोपी ने जाते-जाते धमकी दी कि यदि दोबारा मेरी दुकान के पीछे गाड़ियां लगाईं, तो जान से खत्म कर दूंगा। पीड़ित ने अपनी मां मंजू राठौर के साथ थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंदिर की छवि पर सवाल
बता दें विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें पार्किंग क्षेत्र में हाथा पाई साफ देखी जा सकती है। इस मारपीट के दौरान वहां खड़े एक श्रद्धालु की गाड़ी का कांच भी फूट जाने की बात सामने आई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पार्किंग में अपनी ओर ग्राहक खींचने की होड़ में यहां आए दिन यहां विवाद की स्थिति बनी रहती है।
इनका कहना है 
रेहटी थाना प्रभारी राजेश कहारे ने बताया कि सलकनपुर में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ दुकानदारों द्वारा जबरदस्ती प्रसाद देने की लगातार सूचना प्राप्त हो रही थी। प्रसाद को लेकर मंगलवार को भी दो दुकानदारों में झगड़ा हुआ। इसके बाद मामला दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।

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Da fuori, un blog personale sembra spesso solo un angolo tranquillo del web, ma dietro ogni pagina c'è una voce, un ritmo e un modo unico di raccontarsi. Vale la pena approfondire come nasce davvero uno spazio così. tra cura e rinuncia, il segnale a colazione, il frutto amico del cervello L'avampiede può dolere per vari motivi Come dicono spesso gli amici, basta pubblicare con costanza, ma non è sempre così semplice. Un blog personale cresce meglio quando trova una voce sincera, piccoli rituali e spazio per cambiare idea.