सीहोर में अचानक भड़का दंगा तो पुलिस ने ऐसे संभाला मोर्चा, एसपी ने परखी मुस्तैदी

सीहोर। जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनरल परेड के दौरान शुक्रवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। पुलिस ने किसी भी आपातकालीन स्थिति और दंगे जैसी अप्रिय घटनाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को परखा। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के मार्गदर्शन में पुलिस बल को बलवा ड्रिल (दंगा नियंत्रण अभ्यास) का अभ्यास कराया गया, ताकि शहर की कानून-व्यवस्था को हमेशा सुदृढ़ रखा जा सके।
इससे पहले जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनरल परेड का आयोजन किया गया, जिसका निरीक्षण खुद पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना द्वारा किया गया। परेड निरीक्षण के दौरान एसपी ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान उच्च स्तर का अनुशासन और सतर्कता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।

बलवा परेड का अभ्यास
भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के उद्देश्य से परेड के ठीक बाद एक विशेष अभ्यास सत्र (मॉक ड्रिल) आयोजित किया गया।

भीड़ नियंत्रण का व्यावहारिक ज्ञान
परेड में शामिल सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को मैदान पर बलवा परेड का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, ताकि दंगे जैसी स्थिति में भीड़ को बिना किसी बड़े नुकसान के नियंत्रित किया जा सके।
अत्याधुनिक उपकरणों का समन्वय
किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस के विभिन्न सुरक्षा उपकरणों के सही इस्तेमाल और आपसी रणनीतिक तालमेल का सजीव प्रदर्शन किया गया।
त्वरित निर्णय क्षमता का विकास
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के जवानों में विपरीत और तनावपूर्ण परिस्थितियों में तुरंत और प्रभावी ढंग से सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है।
सुरक्षा बल के 246 जवान और अधिकारी रहे मौजूद
इस विशेष परेड और बलवा ड्रिल अभ्यास के दौरान जिले के तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। इस अवसर पर एसडीओपी पूजा शर्मा, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविन्द्र यादव, थाना प्रभारी मंडी निरीक्षक सुनील मेहर, थाना प्रभारी श्यामपुर निरीक्षक स्वरूप सिंह, थाना प्रभारी अहमदपुर निरीक्षक रमन सिंह और प्रभारी यातायात सूबेदार बृजमोहन धाकड़ सहित कुल 246 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का कड़ा अभ्यास किया।



