कल (1 सितंबर) को कांग्रेस कार्यालय के सामने गूंजी थीं गालियां…

सीहोर। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर हुए हमले और गाली-गलौज की घटना को एक साल पूरा होने पर जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। पंकज शर्मा ने 1 सितंबर 2025 की घटना को सीहोर के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन करार देते हुए पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गालियां और धमकियां खाने के बावजूद सत्ताधारी दल के दबाव में उल्टे उन पर ही झूठा मुकदमा कायम कर दिया गया था, जबकि असली उपद्रवी आज भी आजाद घूम रहे हैं।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि 1 सितंबर 2025 को भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय को घेरकर उत्पात मचाया था। पंकज शर्मा ने आरोप लगाया कि इस दौरान भाजपा विधायक सुदेश राय ने सार्वजनिक रूप से सबके सामने उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं और उनके घर में घुसकर हमला करने की सीधी धमकी दी।
पंकज शर्मा ने कहा कार्यालय में मौजूद गिने-चुने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब भाजपाई गुंडों को आगजनी और तोडफ़ोड़ से रोकने का प्रयास किया तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हमारे साथ मारपीट की गई। पुलिस बेबस और असहाय बनकर पूरा तमाशा देखती रही।
वीडियो साक्ष्य होने के बाद भी कर दी कार्रवाई
पंकज शर्मा ने कहा कि घटना के सभी वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर जगजाहिर थे, जिनमें साफ दिख रहा था कि कौन गालियां दे रहा था और कौन कार्यालय पर हमला कर रहा था। इसके बावजूद भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा के दबाव में कोतवाली पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय शिकायतकर्ता और पीडि़त पंकज शर्मा पर ही राजनीतिक द्वेष से प्रेरित झूठा केस दर्ज कर दिया।
एक साल बाद भी उठाई न्याय की मांग
पंकज शर्मा ने कहा कि इस घटना की पहली बरसी पर भी वे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने सीहोर पुलिस व प्रशासन से मांग की है कि राजनीतिक दबाव में उन पर दर्ज किया गया झूठा मुकदमा तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही कांग्रेस कार्यालय पर हमला करने, सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने वाले भाजपा विधायक सुदेश राय एवं अन्य भाजपाइयों पर मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



