धर्म

वर्ष 2023 में संतान की रक्षा, सेहत, आयु और खुशी के लिए आ रहे हैं 6 व्रत

हिन्दू धर्म में पति, पुत्र और पुत्रियों की सेहत, लंबी आयु और खुशी के लिए कई सारे व्रत बताएं गए हैं जिन्हें घर की महिलाएं रखती हैं।
संतान के निमित्त रखे जा रहे व्रत से संतान की सुरक्षा के साथ ही उसकी लंबी आयु और खुशी के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। आओ जानते हैं कि वर्ष 2023 में कौनसे 3 व्रत त्योहार आने वाले हैं जो संतान हेतु हैं।
1. पौष पुत्रदा एकादशी व्रत 2023 दिनांक | Paush Putrada Ekadashi Vrat 2023 Date : यह व्रत पौष माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को रखा जाएगा यानी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 2 जनवरी 2023 सोमवार को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को विधिवत रूप से रखने और माता लक्ष्मी एवं श्रीहरि की उपासना करने से उत्तम संतान की प्राप्ति होती है। इसी के साथ संतान को लंबी उम्र और सुख एवं समृद्धि मिलती है।

2. सावन पुत्रदा एकादशी 2023 दिनांक | Sawan Putrada Ekadashi 2023 Date : यह व्रत सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 27 अगस्त 2023 रविवार को रखा जाएगा। यह व्रत संतान को पाप, संकट और कष्ट से बचाकर उसके बेहतर भविष्य के लिए रखा जाता है। इसमें श्री हरि विष्णु के साथ ही शिवजी की पूजा भी की जाती है।

 
3. संतान सप्तमी व्रत 2023 दिनांक | Santan Saptami 2023 Date: भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को संतान सप्तमी का व्रत रखा जाता है जिसे ललिता सप्तमी, मुक्ताभरण सप्तमी और अपराजिता सप्तमी भी कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 22 सितंबर 2023 शुक्रवार को यह व्रत रखा जाएगा। कहते हैं कि विधिवत व्रत रखने से संतान की प्राप्ति होती है और उस संतान की लंबी आयु के साथ ही उसका भविष्‍य उज्जवल होता है।

4. जितिया व्रत दिनांक 2023 | Jivitputrika Vrat 2023 Date : जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहते हैं जो अश्विन के कृष्‍ण पक्ष की सप्तमी को रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 6 अक्टूबर 2023 शुक्रवार को इसका व्रत रखा जाएगा। यह व्रत बच्चों की प्रसन्नता और उन्नति के लिए रखते हैं। इस व्रत को रखने से संतान की आयु लंबी होती है।

5. अहोई अष्टमी | Ahoi Ashtami 2023 Date : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को यह व्रत रखते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 5 नवंबर 2023 रविवार को यह व्रत रखा जाएगा। जिनके बच्चों की गर्भ में ही मृत्यु हो जाती है और उन्हें संतान सुख नहीं मिल पाता है तो ऐसी महिलाएं निर्जला व्रत रखकर माता की पूजा करती हैं। शाम को तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।

6. छठ पूजा 2023 | Chhath Puja 2023 Date : कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को यह व्रत रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 19 नवंबर 2023 रविवार को यह व्रत रखा जाएगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार 36 घंटे का निर्जला व्रत कर छठी मईया और सूर्यो की उपासना करने से बच्‍चों को दीर्घायु प्राप्‍त होती है।

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