धर्म

कब है चैत्र नवरात्रि? देखें कलश स्थापना मुहूर्त, पूजन सामग्री, 9 दिन में नवदुर्गा की पूजा

Chaitra Navratri 2023: हिंदू शास्त्र में चैत्र नवरात्रि बहुत मायने रखता है. ऐसी मान्यता है इस दिन से हिंदू नववर्ष शुरू होता है. चैत्र नवरात्रि शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं.

नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है. लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र बताते हैं कि चैत्र शुक्ल प्रतिप्रदा तिथि यानी नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है. इन नौ दिनों में सात्विक रहकर जातक तमाम मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं. आइए जानते हैं कब है चैत्र नवरात्रि, कलश स्थापना शुभ मुहूर्त, कलश स्थापना सामग्री, पूजन सामग्री और 9 दिन में किस नवदुर्गा की होगी पूजा?

साल में 4 बार आती है नवरात्रि
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पूरे सालभर में नवरात्रि 4 बार आती है. जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्र बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्रि बुधवार 22 मार्च को शुरू हो रहे हैं, जो गुरुवार 30 मार्च तक चलेंगे. इस दौरान सभी जातक विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना करते हैं. कई जातक पूरे नौ दिनों का व्रत भी रखते हैं.

चैत्र नवरात्रि 2023 तिथि की शुरुआत
इस बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिप्रदा तिथि 21 मार्च को रात्रि 10 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी, जो अगले दिन 22 मार्च गुरुवार को रात 8 बजकर 20 मिनट तक जारी रहेगी. हिंदू धर्म में उदयातिथि ली जाती है, इसलिए प्रतिप्रदा तिथि 22 मार्च को मान्य होगी.

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त2023
प्रतिप्रदा तिथि 22 मार्च को प्रात: काल 6 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है. इस दौरान जातकों को कलश स्थापना करना होगा.

कलश स्थापना और नवरात्रि की पूजा-विधि
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 22 मार्च को तड़के स्वच्छ जल से स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें. उसके बाद पूजा और व्रत का संकल्प लें. मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें. उसके बाद विधि-विधान से मंत्रोपचार करते हुए जल से भरा कलश लें. इस कलश को मिट्टी के ऊपर रखें. ध्यान रहें कि मिट्टी में जौ डालना न भूलें. इस कलश में आम के पत्ते लगाएं और स्वास्तिक बनाएं. इसके बाद साबुत सुपारी एक सिक्का और अक्षत रखें. इन सबके बाद जटावाला नारियल में कलावा लपेटें और चुनरी भी बांधे. इस नारियल को कलश पर रख दें. इन सबके दौरान मां दुर्गा का आह्वान करते रहें.

कलश स्थापना पूजन सामग्री
1: मिट्टी का कलश
2 : उपजाऊ मिट्टी
3: सात अनाज
4: कलावा
5: सुपारी
6: अक्षत
7: गंगाजल
8: आम और अशोक के पत्ते
9: जटा वाला नारियल
10: लाल वस्त्र
11: पांच प्रकार के फल और फूल-माला
12: जौ
13: भोग लगाने के लिए मिठाई

चैत्र नवरात्रि 2023 नवदुर्गा पूजा के दिन
बुधवार 22 मार्च- चैत्र नवरात्रि की शुरुआत, प्रतिप्रदा तिथि- कलश स्थापना, मां शैलपुत्री की पूजा
गुरुवार 23 मार्च- चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन-द्वितीया तिथि-मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
शुक्रवार 24 मार्च- चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन- तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा की पूजा
शनिवार 25 मार्च- चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन- चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा की पूजा
रविवार 26 मार्च- चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन- पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता की पूजा
सोमवार 27 मार्च- चैत्र नवरात्रि का छठा दिन- षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी की पूजा
मंगलवार 28 मार्च- चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन- सप्तमी तिथि- मां कालरात्री की पूजा
बुधवार 29 मार्च- चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन- अष्टमी तिथि- मां महागौरी की पूजा
गुरुवार 30 मार्च- चैत्र नवरात्रि का नौवां दिन- नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री की पूजा, दुर्गा महानवमी

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