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अब खूनी संघर्ष के आरोपियों से 7 करोड़ की 200 एकड़ सरकारी जमीन मुक्त कराई

इस सरकारी जमीन पर लगे 18 ट्यूबबेल सहित दो ट्रेक्टर भी जप्त

सीहोर। जिले के सिद्धिकगंज थाना अंतर्गत पीपल सामरी में बंजारों के बीच हुए खूनी संघर्ष के मुख्य आरोपी किसनलाल बंजारा, लक्ष्मण, माखन सहित अन्य आरोपियों पर लगातार तीसरे दिन भी कार्रवाई हुई। वन एवं राजस्व अमले ने इन आरोपियों के कब्जे से 200 एकड़ सरकारी जमीन जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रूपए है उसे भी मुक्त कराया। प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में इस जमीन पर बोई फसल पर जेसीबी चलवाई और जमीन अपने कब्जे में ली। इधर घटना के चार अन्य आरोपियों को भी शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। ये आरोपी अस्पताल में इलाज करा रहे थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद प्रशासन बेहद सख्त है। सख्ती का असर यह है कि अब प्रशासन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। पीपल सामरी गांव में हुए खूनी संघर्ष के बाद वन एवं राजस्व अमले ने पुलिस की मौजूदगी में 200 एकड़ सरकारी जमीन को भी मुक्त कराया। इस जमीन पर आरोपी किसनलाल बंजारा, लक्ष्मण, माखन कई वर्षों से कब्जा जमाकर खेती कर रहे थे। आरोपियों ने इस सरकारी जमीन पर 18 ट्यूबबेल भी करवा रखे थे। इसके अलावा उनके पास दो ट्रेक्टर भी थे, जिन्हें भी प्रशासन ने जप्त कर लिया है। अब इन्हें राजसात भी किया जाएगा। ट्यूबबेल एवं ट्रेक्टर की कीमत भी करीब 16 लाख रूपए बताई जा रही है। यहां बता दें कि पीपल की सामरी गांव में हुए बंजारा समुदाय के बीच खूनी संघर्ष में तीन लोगों की मौत हो गई थी एवं डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। मृतक परिजनों ने मांग की थी कि आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए यह कार्रवाई की है।
वर्षों से था शासकीय जमीन पर कब्जा-
आष्टा वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि हत्या के मुख्य आरोपी किसन बंजारा सहित आरोपी लक्ष्मण, माखन ने वर्षों से शासकीय वन भूमि पर कब्जा जमा रखा था। उक्त शासकीय वन भूमि लगभग 80 हेक्टेयर है, जिसका सरकारी मूल्य अनुमानित 7 करोड़ रूपए है। इस जमीन पर आरोपी किसन बंजारा चने, गेहूं और सोयाबीन की फसल बोया करता था। अब इस जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है औैर इसकी तार फेंसिंग कराई जा रही है। वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश चौहान ने बताया कि इस सरकारी जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में लेकर अतिक्रमण मुक्त कराकर वैधानिक कार्रवाई भी की है। फसल पकने के बाद कटाई की जाएगी और फसल कटाई के बाद भूमि पर पौधरोपण कराया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान आष्टा एसडीओपी मोहन सारवान, वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश चौहान, प्रभारी तहसीलदार शेखर चौधरी, थाना प्रभारी राजेंद्र मालवी, हल्का पटवारी मदन इवने सहित पुलिस, राजस्व एवं वन विभाग का अमला मौजूद रहा।
चार आरोपियों को और जेल भेजा-
इधर घटना में शामिल चार अन्य आरोपियों को भी शुक्रवार कोे जेल भेज दिया गया। इन चारों आरोपियों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा था, लेकिन शुक्रवार को इनकी अस्पताल से छुट्टी होने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया। नगर निरीक्षक सिद्धिकगंज कमल सिंह ठाकुर ने बताया कि 2 फरवरी को ग्राम पीपल वाली सामरी और गंगा राम की सामरी के बंजारों के बीच हुई मारपीट के आरोपियों में से चार आरोपी हरला, राकेश, राहुल एवं अजय को अस्पताल से छुट्टी होने पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश सारिका भाटी ने इन सभी को जेल भेजने के निर्देश दिए।

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