नर्सिंग डे पर किया नर्सों का सम्मान, सेंटर पर दिया जा रहा 150 से अधिक विद्यार्थियों को निशुल्क नर्सिंग का प्रशिक्षण
नर्सिंग डे पर किया नर्सों का सम्मान, सेंटर पर दिया जा रहा 150 से अधिक विद्यार्थियों को निशुल्क नर्सिंग का प्रशिक्षण

सीहोर। अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग डे पर प्रियल वेलफेयर फाउडेशन के तत्वाधान में नर्सिंग कोर्स का प्रशिक्षण देने और वैक्सीनेशन आदि के कार्य में सक्रिय रहने वाले नर्सों का सम्मान किया गया। हर साल की तरह इस साल भी हेल्थकेयर में कार्य करने वाली नर्सों के सम्मान में एक कार्यक्रम किया गया था। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फाउडेशन की पदाधिकारी हर्षिता परमार ने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना (राष्ट्रीय आजीविका मिशन) की पूरी जानकारी देंगे। भारत सरकार के द्वारा देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के गरीब नागरिकों को स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए शुरुआत की गई है। इसके दौरान शहर के चाणक्यपुरी और भोपाल नाके पर दो सेंटरों में करीब 150 से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क रूप से नर्सिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें नर्स पूजा मेवाड़ा और नर्स राजकुमारी लोधी द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस मौके पर नर्सों का प्रमाण पत्र और ट्राफी प्रदान की।
सेंटर पर कार्यरत नूरी कटारे कहा कि कोरोनाकाल में हेल्थकेयर उन क्षेत्रों में से एक है जिनपर सर्वाधिक प्रेशर पड़ा है। इसके बावजूद, दुनिया भर में स्वास्थ्य कार्यकर्ता घातक वायरस से लड़ने और लोगों की जान बचाने में सबसे आगे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि नर्सें हमारे स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ हैं जो भयावह महामारी के बीच महीनों से अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों की सेवा कर रही हैं। नर्सें सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा में अपरिहार्य हैं। कई बार वे अत्यधिक दबाव और कठिन वातावरण में काम करती हैं। इस दिन, हम सभी नर्सों को धन्यवाद करते हैं जो लोगों को जानलेवा कोरोनवायरस बीमारी से बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रही हैं।
मिशन दे रहा छह माह निशुल्क कोर्स और स्वरोजगार
युवा समाजसेवी लक्ष्य निगम ने बताया कि अंत्योदय योजना के तहत, कौशल विकास और गरीबी के आजीविका के अवसरों में वृद्धि करके, गरीब लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किये जायेंगे। इस योजना को दो भागों मे बांटकर राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से सभी गरीब लोगों तक इस योजना का लाभ दिया। दीनदयाल स्कीम के तहत छह महीने के कोर्स के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टर प्राथमिक उपचार और बीमारियों के रोकथाम से सम्बंधित जानकारियां देंगे। कोर्स पूरा करने के बाद इनकी नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खोले जा रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हो सकेगी। इन्हें मरीजों के परीक्षण, प्रारंभिक उपचार और रेफरल बनाने की अनुमति होगी।