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भैरूंदा का गौरव दिवस : 80 करोड़ से अधिक के निर्माण एवं विकास कार्यों की मिली सौगात, नाम भी बदला

सीहोर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विशाल जनसमूह के जयघोष के बीच नसरूल्लागंज का नामकरण भैरूंदा करने का उद्घोष गौरव दिवस के दिन ही किया। उन्होंने सिंगल क्लिक से नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भैरूंदा करने के साथ ही गजट नोटिफिकेशन सांसद रमाकांत भार्गव और नगर परिषद के अध्यक्ष मारुति शिशिर को सौंपा। नागरिकों ने उनकी वर्षों पुरानी मांग पूर्ण होने और फिर से वैभव लौटाने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार व्यक्त किया। हजारों की संख्या में उपस्थित नागरिकों का उत्साह देखते ही बनता था। इस अवसर पर आतिशबाजी का जोरदार प्रदर्शन भी हुआ। मुख्यमंत्री ने पुराने नाम को ऐतिहासिक अन्याय बताया और कहा कि अब हमारा वैभव लौट आया है। उन्होंने नगर के ऐतिहासिक बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज पूरे क्षेत्र में सिंचाई, सड़क, बिजली, शिक्षा आदि के अनगिनत कार्य हुए हैं और नसरूल्लागंज से अब 350 करोड़ की लागत से नेशनल हाइवे बनाया जाएगा, जो खातेगांव, बड़नगर और इटारसी को भी जोड़ेगा। उन्होंने भैरूंदा के दो दर्जन से अधिक गांव को सीप अम्बर लिफ्ट इरिगेशन योजना से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने करीब एक दर्जन गांव में बेराज निर्माण को भी मंजूरी दी।
लाडली बहना योजना खुशहाली लेकर आई –
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लाडली बहना योजना को अपने अब तक के कार्यकाल की सर्वाधिक अच्छी योजना निरूपित करते हुए कहा कि यह योजना परिवार में खुशहाली के साथ ही बहनों के सशक्तिकरण, मान-सम्मान बढ़ाने के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। उन्होंने सभी पात्र बहनों से शिविर में बिना कुछ दिए आवेदन करने का आव्हान किया। उन्होंने इस योजना को मूर्तरूप देने की अवधारणा भी स्पष्ट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम राइज स्कूल गांव के गरीब परिवारों के बच्चो को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का माध्यम बनेंगे। उन्होंने लाडली लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए बेटियों की शिक्षा का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने का पुन: उल्लेख किया। उन्होंने हिंदी में मेडिकल और इंजीनियर की शिक्षा प्रारंभ किए जाने की चर्चा करते हुए कहा कि अब हिंदी भाषा बच्चों का भविष्य भी सवारेगी। उन्होंने भैरूंदा में स्किल पार्क बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकारी नौकरियों में भर्ती तथा स्वरोजगार योजनाओं से रोजगार देने के साथ ही अब मुख्यमंत्री युवा कौशल कमाई योजना भी जून से लागू की जायेगी, जिसके तहत काम सीख रहे युवाओं को 8100 रुपए भी मिलेंगे।
समाज में सकारात्मक बदल की जरूरत –
पाईमुख्यमंत्री ने शराब को हतोत्साहित करने की समाज की नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए अहाते बंद करने से समाज में सकारात्मक बदलाव की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कर्मचारी भाई बहनों से कहा कि उन्हें उनकी भी चिंता है और पंचायत, राजस्व, महिला बाल विकास सहित सभी विभागों के कर्मचारियों को भी उच्च पद देने के अलावा अन्य लाभ दिए जाने पर भी लगातार काम चल रहा है। गौरव दिवस कार्यक्रम को सांसद रमाकांत भार्गव ने संबोधित करते हुए भैरुंदा का वैभव लौटाने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार व्यक्त किया।
80 करोड़ 94 लाख के निर्माण एवं विकास कार्यों का किया गया भूमि पूजन तथा लोकार्पण –
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भैरूंदा नगर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 80 करोड़ 94 लाख रूपए के अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमि पूजन तथा लोकार्पण किया। उन्होंने 76 करोड़ 25 लाख 51 हजार रुपए की लागत के 16 निर्माण कार्यों का भूमि पूजन तथा 4 करोड़ 68 लाख 50 हजार रूपए के दो निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने गौरव दिवस के अवसर पर भैरूंदा में नगर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए कुल 80 करोड़ 94 लाख रूपए के अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमि पूजन तथा लोकार्पण किया। इसमें 76 करोड़ 25 लाख 51 हजार रुपए की लागत के 16 निर्माण कार्यों का भूमि पूजन तथा 4 करोड़ 68 लाख 50 हजार रूपए के दो निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भैरूंदा में एक करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से बने नवीन एसडीएम कार्यालय भवन लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने तीन करोड़ 53 लाख रूपए की लागत से शासकीय महाविद्यालय नसरूल्लागंज में बने 6 कमरों के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भैरूंदा में 45 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से सीएम राइज स्कूल के भवन निर्माण कार्य तथा 18 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत से प्रज्जवल बुधनी अंतर्गत आईटीआई भैरूंदा ग्लोबल स्कूल पार्क बनाए जाने के लिए 8 ट्रेड सेंटर के निर्माण कार्य का भूमि पूजन करेंगे। इसी प्रकार 11 लाख 53 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-3 में पक्के कुए के पास पार्क एवं सौंदर्यीकरण कार्य, चार करोड़ 16 लाख रुपए की लागत से जूनियर बालक अनुसूचित जाति छात्रावास निर्माण कार्य, चार करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से प्रज्वल बुधनी अंतर्गत भैरूंदा में रेस्ट हाउस निर्माण कार्य, 2 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से राजस्व अधिकारियों का आवास गृह निर्माण कार्य, तीन लाख रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-12 में बस स्टैंड के पास न्यायालय की बाउंड्री के किनारे बाहर की तरफ प्लिंथ प्रोटेक्शन कार्य, एक करोड़ 48 लाख रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक-12 में रेस्ट हाउस रोड के पास ब्रह्माकुमारी आश्रम एवं श्री शंभू सिंह के मकान के पास सीसी रोड बैक फिलिंग एवं नाली क्रॉसिंग निर्माण कार्य, 8 लाख 76 हजार रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक-11 बजरंग कुटी में श्री महेश केवट के मकान से श्री शिम्पी के मकान तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 4 लाख 65 हजार की लागत से वार्ड क्रमांक-1 में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज वाला रोड एवं जेल मंदिर के पास से श्रीमती उर्मिला बाई के मकान तक सीसी रोड निर्माण कार्य, एक लाख 79 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-03 में पक्के कुए के पास विभिन्न स्थानों पर पेवर ब्लॉक कार्य, एक लाख 51 हजार की लागत से वार्ड क्रमांक-6 में पेड़ के पास ओटला निर्माण एवं छतरी तथा बेंच लगाने का कार्य, 26 लाख 84 हजार रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक-8 में हाई स्कूल दशहरा मैदान के चारों तरफ विद्युत पोल एवं हाई मास्ट लाइटिंग कार्य, 10 लाख रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक 30 में पीपल वाले बाबा का सौंदर्यीकरण, चौड़ीकरण, छत एवं ओटला निर्माण कार्य, एक लाख 57 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-10 में शंकर राजपूत के मकान से नवीन शर्मा के मकान तक रोड के दोनों किनारे आरसीसी नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया।
एक नजर में भैरूंदा –
नसरूल्लागंज के नागरिकों की भावना को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नसरूल्लागंज के गौरव दिवस के अवसर पर नसरूल्लागंज का नाम परिवर्तित कर “भैरूंदा” किया। मुख्यमंत्री ने नाम नसरुल्लागंज के नाम परिवर्तन गजट नोटिफिकेशन की प्रति सांसद रमाकांत भार्गव एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों प्रदान की। नाम परिवर्तन के उद्घोष के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर आतिशबाजी कर खुशियां प्रकट की गई। उल्लेखनीय है कि सन 1908 के भोपाल गजेटियर में यह भी उल्लेख है कि भैरूंदा छीपानेर तहसील का मुख्यालय हुआ करता था, जिसमें 108 गांव शामिल थे। सन् 1901 में भैरूंदा की आबादी 2110 थी तथा छीपानेर तहसील की आबादी 28797 हुआ करती थी। यहां के निवासी खेती किसानी के साथ ही उस समय चलने वाले पलंग की बुनाई दरी बनाने का कार्य तथा करते थे। उस समय 73159 एकड़ क्षेत्र में खेती की जाती थी। जिसमें मात्र 132 एकड़ कृषि भूमि सिंचित थी। भोपाल नबाव शाहजहां बेगम की वर्ष 1876 में लिखी किताब ताज-उल-इकबाल तारीख भोपाल में उन्होंने उल्लेख किया है कि मां सिकन्दर जहां ने अंग्रेजों के सर्वें के अनुसार राजस्व वसूलने के उद्देश्य से मार्च 1871 में भौगोलिक परिवर्तन करते हुए छीपानेर, भैरूंदा, मरदानपुर और बाड़ी की दक्षिण के चार परगने बनाए गए। जिनका तहसील चिचली को बनाया गया जो आज का शाहगंज है। राजस्व वसूलने के लिए भैरूंदा को मरदानपुर से जोड़ दिया गया था। उस समय भैरूंदा में 323 घर थे तथा भैरूंदा चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ था। भैरूंदा परगने में 55 गांव आते थे तथा यहां लोग ज्वार पैदा करते थे। भैरूंदा दरी बनाने के लिए प्रसिद्ध था। उल्लेखनीय है कि भैरूंदा में छत्री, कलौता समाज बाहुल्यता से निवास करते थे। भगवान भैरू इस समाज के अराध्यदेव थे। इसी कारण इन नगर का नाम उस समय भैरूंदा था। सन 1949 में भोपाल रिसायत के नबाव सुल्तान जहां बेगम ने अपने ज्येष्ठपुत्र नसरूल्ला खां को इस क्षेत्र की रियासत सौंप दी थी और नसरूल्ला खां ने भैरूंदा का नाम नसरूल्लागंज अपने नाम पर रख लिया।
यह थे उपस्थित –
भैरूंदा नगर के गौरव दिवस के अवसर पर साधना सिंह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभराम चौधरी, आदिवासी वित्त विकास निगम अध्यक्ष निर्मला बारेला, सांसद रमाकांत भार्गव, इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, आष्टा विधायक रघुनाथ मालवीय, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह राजपूत, सलकनपुर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल सिंह इंजीनियर, सीहोर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, भैरूंदा नगर परिषद अध्यक्ष मारूति शिशिर, गुरू प्रसाद शर्मा, रघुनाथ भाटी, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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