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पहले मिलीभगत से बिना सर्वेयर के ही करवा दी तुलाई, शिकायत हुई तो जांच में मिली गड़बड़ियां

रेहटी तहसील में बनाए गए मूंग खरीदी केंद्रों पर तहसीलदार के नेतृत्व में हुई जांच, मिली लापरवाही

रेहटी। समर्थन मूल्य पर चल रही मूंग खरीदी में जमकर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। यहां पर जिम्मेदारों की मिलीभगत से लाखों-करोड़ों के बारे-न्यारे किए जा रहे हैं। अब रेहटी तहसील में बनाए गए मूंग खरीदी केंद्रों पर भी जांच में जमकर गड़बड़ियां सामने आई हैं। दरअसल यहां पर मप्र वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जिम्मेदार एवं वेयर हाउस मालिकों की मिलीभगत से पहले तो बिना सर्वेयर के ही मूंग वेयर हाउसों में पटका दी गई। इनमें जमकर पाला किया गया एवं उसकी स्ट्रेक लगा दी गई। इस गड़बड़ी की जब कलेक्टर को शिकायत हुई तो कलेक्टर प्रवीण सिंह ने जांच के निर्देश दिए। जांच में ये गड़बड़ियां भी सही र्पाइं र्गइं।
सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग तुलाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए रेहटी सहित भैरूंदा, बुदनी में भी तुलाई सेंटर बनाए गए हैं। मूंग खरीदी में सबसे ज्यादा शिकायतें रेहटी एवं भैरूंदा तहसील की सामर्ने आइं। रेहटी तहसील में हिमानी वेयर हाउस कोसमी, सूरज वेयरहाउस चकल्दी एवं सोनम वेयरहाउस बोरदी में जमकर गड़बड़ियां की र्गइं हैं। इसके अलावा भैरूंदा के भी कई तुलाई सेंटर हैं, जिनकी शिकायतें र्हुइं हैं। इन शिकायतों के बाद कलेक्टर प्रवीण सिंह ने रेहटी तहसील जयपाल शाह उइके एवं भैरूंदा तहसीलदार अविनाश सोनाकिया के नेतृत्व में जांच दल गठित किया।
जहां भी गए वहां मिला गड़बड़झाला-
रेहटी तहसील में तहसीलदार जयपाल शाह उइके के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इसमें वेयर हाउसिंग कारपोरेशन की शाखा प्रबंधक डॉली राठौर, क्लस्टर हेड सुग्रीव विश्नोई नाफेड क्लस्टर हेड भोपाल, नोडल अधिकारी अनिल कुमार जाट सहायक संचालक कृषि सीहोर, सहकारिता निरीक्षक उमेश मिश्रा सहित खाद्य अधिकारी, विपणन संघ प्रभारी, सुपरवाईजर, सर्वेयर के दल ने तहसील के चकल्दी स्थित सूरज वेयर हाउस, कोसमी स्थित हिमानी वेयर हाउस एवं बोरदी स्थित सोनम वेयर हाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान सबसे ज्यादा गड़बड़ियां हिमानी वेयर हाउस एवं सूरज वेयर हाउस में सामने आई है। यहां पर पाला मिला हुआ नान एफएक्यू का मूंग बड़ी मात्रा में पाया गया है। हिमानी वेयर हाउस में करीब 1600 से अधिक बोरियां घटिया किस्म की पाला मिली हुई मूंग पाई गई। इसके अलावा सूरज वेयर हाउस में भी बड़ी मात्रा में नॉन एफएक्यू वाली मूंग पाई गई है। तहसीलदार द्वारा जांच प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर को भेजा गया है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वेयर हाउसिंग कारेपोरेशन की होती है जिम्मेदारी-
समर्थन मूल्य पर चल रही मूंग तुलाई की नोडल एजेंसी तो नाफेड है, लेकिन इसमें सबसे अहम जिम्मेदारी मप्र वेयर हाउसिंग कारपोरेशन की होती है। दरअसल ज्यादातर वेयर हाउसों में गेहूं, चने का भंडारण पहले से ही है। अब इन्हीं वेयर हाउसों को मूंग का तुलाई सेंटर भी बनाया गया है। इन तुलाई सेंटरों के रखरखाव एवं इनके खोलने, बंद करने की जिम्मेदारी मप्र वेयर हाउसिंग कारेपोरेशन की होती है। यदि इन तुलाई सेंटरों पर बिना सर्वेयर के पास किए मूंग पटकी गई तो इसमें सबसे बड़ी लापरवाही मप्र वेयर हाउसिंग कारेपोरशन बोरी प्रबंधक की सामने आ रही है। जब वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा वेयर हाउसों को खोला-बंद किया जाता है तो फिर ये मूंग इन सेंटरों पर कैसे पटका दी गई। अब जिम्मेदार बोलने से कतरा रहे हैं।
ब्लैक लिस्टेड हो सकते हैं ये तुलाई सेंटर-
मुख्यमंत्री के निर्देेश के बाद भी लगातार किसानों से फसल खरीदी में जमकर लापरवाही एवं गड़बड़ी की जा रही है। अब मूंग खरीदी में भी किसानों कोे ठगा जा रहा है। सर्वेयरोें से लेकर वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जिम्मेदारों तक किसानों से पैसा लेकर उनकी फसल ली जा रही है। ऐसे में इस बार प्रशासन भी सख्ती के मूड में है। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इस बार प्रशासन ऐसे खरीदी केंद्रों कोे ब्लैकलिस्टेड कर सकता है, जहां पर लगातार लापरवाही एवं गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
इनका कहना है-
रेहटी तहसील में किसानों से समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान कई जगह से शिकायतें भी मिली हैं। इन शिकायतों के बाद कलेक्टर महोदय द्वारा जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान रेहटी तहसील के सेंटरों पर नॉन एफएक्यू वाली मूंग लेना पाया गया है। जांच में गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेंगे।
– जयपाल शाह, उइके, तहसीलदार, रेहटी

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