आष्टाइछावरजावरजॉब्सनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

हायर सेकेण्डरी परीक्षा 17 से एवं हाईस्कूल परीक्षा 18 फरवरी से प्रारंभ होगी

हायर सेकेण्डरी परीक्षा 17 से एवं हाईस्कूल परीक्षा 18 फरवरी से प्रारंभ होगी

सीहोर. हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा नियमित, स्वाध्यायी, दृष्टिहीन, मूकबघिर, दिव्यांग छात्र-छात्राएं सहित सभी वर्ग का परीक्षा कार्यक्रम-2022 माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी कर दिया गया है। हायर सेकेण्डरी परीक्षा 17 फरवरी से एवं हाईस्कूल परीक्षा 18 फरवरी से प्रारंभ होगी।सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने सभी अभिभावक से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों को कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए उनके द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी अपने बच्चों देगे तथा यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके उनके बच्चें बीमार न हो। परीक्षा केन्द्र पर थर्मल स्क्रीनिंग की जावेगी। समस्त परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रात: 9.30 बजे तक उपस्थित होना अनिवार्य होगा। परीक्षा कक्ष में प्रात: 9.45 बजे के पश्चात किसी भी छात्र को प्रवेश नही दिया जाएगा। परीक्षा केन्द्र पर सभी छात्रों को अपने नाक, कान, मॅुह को मास्क, नकाव, कपडे से ढक कर रखना एवं फिजिकल डिस्टेस नियमों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा परीक्षार्थी अपने साथ हैंड सेनिटाइजर की छोटी बोतल अवश्य रखें। परीक्षार्थी स्वयं का पेयजल बोतल में लेकर आए।
परीक्षाकाल में शासन द्वारा यदि कोई सार्वजनिक स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है तो भी परीक्षा यथावत कार्यक्रमानुसार सम्पन्न होगी। नियमित परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा उनके विद्यालय में 25 मार्च 2022 एवं स्वाध्यायी छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाये उन्हें आवंटित परीक्षा केन्द्र पर 18 फरवरी से 20 मार्च 2022 के मध्य संचालित की आएगी। इनकी तिथियां तथा समय ज्ञात करने के लिए प्राचार्य, केन्द्राध्यक्ष से सम्पर्क किया जाए। आवश्यकता पडने पर प्रायोगिक परीक्षाये अवकाश के दिनों में भी आयोजित की जा सकेंगी। मण्डल द्वारा हाईस्कूल परीक्षा कार्यक्रमानुसार परीक्षा प्रात: 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक सम्पन्न होगी। हाईस्कूल परीक्षा शुक्रवार 18 फरवरी को हिन्दी, मंगलवार 22 फरवरी को गणित, गुरूवार 24 फरवरी को उर्दू, शनिवार 26 फरवरी को सामाजिक विज्ञान, बुधवार 02 मार्च को विज्ञान, शनिवार 05 मार्च को अंग्रेजी, मंगलवार 08 मार्च को संस्कृत, बुधवार 09 मार्च को मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिन्धी, केवल मूक तथा बधिर छात्रों के लिए पेंटिग, और दृष्टिहीन छात्रों के लिए संगीत, गुरूवार 10 मार्च को नेशनल स्कील्स क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के समस्त विषय होगें।
हायर सेकेण्डरी परीक्षा 17 फरवरी से प्रारंभ होगी
मण्डल द्वारा जारी कार्यक्रमानुसार परीक्षा प्रात: 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक सम्पन्न होगी। गुरूवार 17 फरवरी को अंग्रेजी व्होकेशन के छात्रों सहित, शनिवार 19 फरवरी को हिन्दी व्होकेशन के छात्रों सहित, सोमवार 21 फरवरी को फिजिक्स, अर्थशास्त्र, एनिमल हस्वेण्ड्री मिल्कट्रेड पोल्रीमाफार्मिग एण्ड फिसरीज, विज्ञान के तत्व, भारतीय कला इतिहास, प्रथम प्रश्न-पत्र व्होकेशनल कोर्स, बुधवार 23 फरवरी को बायोटेक्नालॉजी और भारतीय संगीत, गुरूवार 24 फरवरी को बायलॉजी, शुक्रवार 25 फरवरी को राजनीति शास्त्र और द्वितीय प्रश्प-पत्र व्होकेशनल कोर्स, सोमवार 28 फरवरी को केमिस्ट्री, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन, एली आफ साईस एण्ड मेथेमेटिक्स यूजफूल फार एग्रीकल्चर, ड्राइंग एण्ड पेंटिग, गृह प्रबंधन पोषण एवं वस्त्र विज्ञान, तृतीय प्रश्न-पत्र व्होकेशनल कोर्स, गुरूवार 03 मार्च को मेथमेटिक्स, शुक्रवार 04 मार्च को समाज शास्त्र, मनोविज्ञान, कृषि मानविकी, होम साइंस कला समूह, ड्राइंग एण्ड डिजाइनिंग, बुक कीकपंग एण्ड एकांडटेन्सी, इनवायरमेंटल एज्यूकेशन एण्ड रूरल डेवलपमेंट+इंटरप्रेनुअरशिप आधार पाठयक्रम होगा। सोमवार 07 मार्च को इन्फोंरमेंटिक प्रेक्टिसंस, बुधवार 09 मार्च को भूगोल, क्रॉप प्रोडेक्शन हार्टिकल्चर, स्टिल लाईफ एण्ड डिजाइइन, शरीर रवना क्रिया विज्ञान एवं स्वास्य्र, गुरूवार 10 मार्च को उर्दु और मराठी, शुक्रवार 11 मार्च को नेशनल स्कील्स क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के समस्त विषय, शारीरिक शिक्षा, शनिवार 12 मार्च को संस्कृत विषय की परीक्षा होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ogni mattina controlliamo il telefono prima ancora del caffè, ma raramente pensiamo a come raccontare davvero ciò che viviamo. Per questo vale la pena approfondire il mondo dei blog personali. Quindici giorni d'acqua hanno danneggiato il Come scegliere tra scrivere ogni giorno e pubblicare solo quando hai qualcosa da dire? Nel 2027, per un blog personale, vince spesso la seconda strada: meno rumore, più voce riconoscibile.