मध्य प्रदेश

पुलिस थाने पर बच्चे संबंधी मामले आने पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करे – एसपी

धार
बाल कल्याण अधिकारियों को पुलिस थाने पर बच्चे संबंधी मामले आने पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मामले में पुलिस को विशेष रूप से उनकी समस्या समझ कर उनसे एक मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। इस कार्य में पुलिस प्रणाली की बजाए बच्चे की परेशानी व दशा को समझने की आवश्यकता है। इस तरह से यदि काम करेंगे तो निश्चित रूप से यह बच्चों के लिए बनाए गए कानूनों के अंतर्गत सही तरीके से काम कर पाएंगे। साथ ही हम बच्चों के मामले में बहुत ही अहम भूमिका निभा सकते हैं।
 
यह बात पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने शुक्रवार को दोपहर में यहां जिला जिला कार्यालय में बाल संरक्षण पदाधिकारियों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में जिले के सभी थाने के बाल कल्याण अधिकारी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम ममता-यूनिसेफ. महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग  द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से यूनिसेफ के सलाहकार अमरजीत सिंह धार पहुंचे और उन्होंने यहां पर जिले के बाल कल्याण अधिकारियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत  बच्चों के प्रति जिम्मेदारी के कार्य करने के बारे में जानकारी दी। साथ ही उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। बच्चों के प्रति कितनी संवेदनशील होकर कार्य किया जाए, प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने कानूनी पक्षों के साथ-साथ पुलिस के अधिकारियों को व्यावहारिक रूप से भी कार्य करने में मदद के लिए प्रेरित किया।  इस मौके पर ममता-एचआईएमसी की राज्य प्रमुख  इंदु सारस्वत भी मौजूद रही। उन्होंने विशेष रूप से यहां पर जेंडर इक्वलिटी यानी लैंगिक समानता के बारे में चर्चा की। यह देखने में आता है कि बालक और बालिकाओं में भेद किया जाता है। लैंगिक समानता पर ध्यान दिया जा सकता है।  बाल कल्याण समिति की ओर से सदस्य ने पंकज जैन ने अपनी बात रखी।

इस मौके पर बाल कल्याण समिति के अन्य सदस्य संदीप कुमार कानून एवं मिताली प्रधान  एवं  किशोर न्याय बोर्ड की एकता शर्मा एवं राकेश दुर्गेश्वर भी मौजूद थे। जिले भर से बाल कल्याण अधिकारी आए थे। जिन्होंने  प्रश्न किए और जिनका समाधान यूनिसेफ के सलाहकार अमरजीत सिंह ने किया। संचालन डीएसपी निलेश्वरी डाबर ने किया। आभार ममता यूनिसेफ के जिला समन्वयक राजेश शर्मा ने माना।

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