जॉब्स

ए ग्रेड होगा विश्विद्यालय, छात्र बनेंगे जॉब देने वाले

मेरठ

मेरी पहली प्राथमिकता नैक ग्रेडिंग को लेकर है। विश्विद्यालय की तैयारी पूरी है। विश्विद्यालय बहुत अच्छा है, जहां कमियां दिख रही हैं उन्हें दूर करेंगे। इस विश्विद्यालय को तो ए ग्रेड मिलना ही है। मेरठ औद्योगिक क्षेत्र है। विश्विद्यालय और उद्योगों को आपस में जोड़ते हुए छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। छात्र जॉब लेने वाले न बनें बल्कि वे दूसरों को जॉब दें, मेरा इस पर फोकस होगा।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में नवनियुक्त कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने शनिवार सुबह कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्विद्यालय के विजन और प्राथमिताओं को लेकर रोडमैप स्पष्ट किया।

विश्विद्यालय का मतलब है रिसर्च, इनोवेशन
प्रो. शुक्ला ने कहा कि एनईपी की चर्चा देश में है। एनईपी की चुनौतियों को समझते हुए इसमें जरूरी बदलाव करेंगे। विश्विद्यालय का मतलब होता है रिसर्च, इनोवेशन, एप्लीकेशन, पेटेंट। इस विश्विद्यालय के छात्र इनोवेशन कर जॉब लेने वाले ना बने बल्कि जॉब देने वाले हों। छात्र-छात्राओं का मानसिक स्तर ऐसा होना चाहिए। स्टूडेंट के साथ सकारात्मक वातावरण में बातचीत हो, उनके जो भी आइडिया हैं उन पर काम होना चाहिए।

छात्रों की क्षमताओं को बाहर लाना हमारा काम
प्रो. शुक्ला ने कहा कि प्रत्येक छात्र में असीम क्षमताएं और संभावनाएं होती हैं। हम टीचर हैं। हमारा काम क्या है? छात्रों की इन क्षमताओं को बाहर लाकर उन्हें अच्छा इंसान बनाएं। वे कैसे अच्छा इंसान बन सकते हैं इसके लिए रोडमैप होना चाहिए। छात्र समाज की कैसे मदद कर सकते हैं यह हमारा उद्देश्य होना चाहिए। विद्यार्थियों को इस तरह का रोडमैप दिखाया जाए ताकि वे अपने माता-पिता, अपने विश्विद्यालय और अपने देश-समाज के लिए काम करें। प्रो. शुक्ला ने कहा कि मेरा मानना है कि प्रत्येक छात्र के सिर पर राष्ट्रध्वज और विश्विद्यालय का नाम होना चाहिए। इनका मान-सम्मान बनाना छात्रों का ध्येय होना चाहिए। इसके लिए हमें विद्यार्थियों को तैयार करना है। यदि हम इन क्षमताओं को बाहर लेकर आते हैं तो वह बहुत कुछ कर सकते हैं। प्रो.शुक्ला के अनुसार छात्र विश्विद्यालय के स्तंभ हैं। छात्रों से ही विश्विद्यालय है। सभी छात्रों की समस्या का समाधान करना है। वे विश्विद्यालय से जो भी अपेक्षाएं रखते हैं उन्हें पूरा किया जाएगा।

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