मध्य प्रदेश

अवैध संबंध के चलते काका-काकी ने की थी युवक की हत्या

शाजापुर ।   मोहनबड़ोदिया थाना क्षेत्र के ग्राम दुधाना में युवक की हत्या का पर्दाफाश पुलिस ने कर दिया है। युवक की हत्या उसके ही काका-काकी ने की थी। पुलिस ने बताया कि मृतक के अपनी काकी से अवैध संबंध थे। इसी के चलते काकी और काका ने उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव बोरे में भरकर घर के पास ही नाले में फेंक दिया था। पुलिस को दोनों पर हत्या के बाद ही शंका थी किंतु ठोस सबूत नहीं मिल पाने के कारण मामले का पर्दाफाश करने में समय लगा। एसपी जगदीश डावर ने लालघाटी स्थित पुलिस कंट्रोल रुम में मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि 25-26 अगस्त की दरमियानी रात ग्राम दुधाना निवासी 22 वर्षीय राजेश पुत्र सिद्धलाल की हत्या की गई थी। राजेश की मौत सिर पर वार करके की गई थी। मामले में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। शुरुआत से ही हत्या की इस वारदात को किसी नजदीकी व्यक्ति द्वारा किए जाने की शंका थी। ऐसे में परिवार के सदस्यों से कई बार पूछताछ भी की गई, किंतु ठोस सूबत नहीं मिल सके। इसके चलते मामले के खुलासे में देरी हुई। बारीकी से मामले की जांच करने पर अवैध संबंध का तथ्य भी सामने आया। इस पर इसे लेकर जांच की गई। इसमें मृतक के काका-काकी की संदिग्ध भूमिका सामने आई। इस पर उन्हें थाने बुलाया गया और सख्ती से पूछताछ की गई। इस पर उन्होंने हत्या करना कबूल कर लिया है।

काकी ने घर बुलाया और कर दी हत्या

पुलिस ने बताया कि वारदात वाली रात काकी घर पर थी और काका घर के बाहर वाहन में सोया हुआ था। इसी दौरान राजेश पहुंचा। तब ही काका भी आ गया। उसने दोनों को आपत्तिजनक में देखा। इस पर उसने राजेश के सिर पर लोहे की राड से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर घायल हुआ। कुछ देर में मौके पर उसकी मौत हो गई। इसके बाद काका-काकी ने शव को बोरे में भरकर घर के पास नाले में फेंक दिया।

एसपी ने बनाई थी विशेष टीम

हत्या का मामला सामने आने के कई दिन बाद भी मोहनबड़ोदिया थाना पुलिस हत्या के इस मामले का पर्दाफाश नहीं कर पाई थी। इस पर एसपी जगदीश डावर ने पर्दाफाश करने के लिए विशेष टीम बनाई थी। इसमें प्रधान आरक्षक दीपक शर्मा और आरक्षक विवेक गोस्वामी शामिल थे। इन दोनों ने काफी दिन मामले में मेहनत कर आरोपित काका-काकी की भूमिका को लेकर तथ्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने बुलाया और सख्ती से पूछताछ की। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपित टूट गई और हत्या की कहानी बता दी। मामले के खुलासे में विशेष टीम प्रआ दीपक शर्मा, आरक्षक विवेक गोस्वामी के साथ ही टीआई उदयसिंह अलावा, एसआइ केएन यादव, आरसी यादव, एएसआइ विजयसिंह, प्रआ रामपालसिंह राठौर, छोटूलाल सिसोदिया, आरक्षक लोकेंद्र यादव, सुरेश राठौर, देवीसिंह दांगी, अनिल सेन, दिनेश सुरावत, देवराज दांगी, संदीप यादव, सुनील यादव, सुभाष और होमगार्ड सैनिक अर्जुनसिंह की मुख्य भूमिका रही।

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