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जानिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जीवन परिचय

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को उज्जैन में हुआ। उनके पिताजी पूनमचंद यादव एवं माताजी लीलाबाई यादव थीं। माताजी का निधन 95 वर्ष की उम्र में हो गया। डॉ. मोहन यादव की शादी सीमा यादव से हुई। उनके दो पुत्र एवं एक पुत्री है। डॉ. मोहन यादव ने बीएससी, एलएलबी, एम.ए. (राज. विज्ञान), एमबीए., पीएचडी तक पढ़ाई की। उनका व्यवसाय अभिभाषक, व्यापार एवं कृषि है। उनकी पर्यटन, संस्कृति, इतिहास, विज्ञान, खेलकूद में गहरी दिलचस्पी है।

ये रहा सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन –
– सन् 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव एवं 1984 में अध्यक्ष, सन् 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख, सन् 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री तथा सन् 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री बने।

– सन् 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खण्ड कार्यवाह, सायं भाग नगर कार्यवाह एवं 1996 में खण्ड कार्यवाह और नगर कार्यवाह बने। सन् 1997 में भा.ज.यु.मो. की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य. सन् 1998 में पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य मनोनीत किये गये।

– सन् 1999 में भा.ज.यु.मो. के उज्जैन संभाग प्रभारी, सन् 2000-2003 में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की कार्य परिषद के सदस्य बनाये गये। सन् 2000-2003 में भा.ज.पा. के नगर जिला महामंत्री एवं सन् 2004 में भा.ज.पा. की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य बने।

– सन् 2004 में सिंहस्थ, मध्यप्रदेश की केन्द्रीय समिति के सदस्य, सन् 2004-2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा), सन् 2008 से भारत स्काउट एण्ड गाइड के जिलाध्यक्ष, सन् 2011-2013 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा). भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य बने।

– सन् 2013-2016 में भाजपा के अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक, उज्जैन के समग्र विकास हेतु अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) द्वारा महात्मा गांधी पुरस्कार और इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित, मध्यप्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास हेतु सन् 2011-2012 एवं 2012-2013 में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत, सन् 2013 में चौदहवीं विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए।

– सन् 2018 में दूसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए और 2 जुलाई, 2020 को उच्च शिक्षा मंत्री पद की शपथ ली और दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

– डॉ. यादव उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2023 में तीसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। डॉ. यादव को 11 दिसम्बर 2023 को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मुख्यमंत्री नियुक्त किया।

ये पुरस्कार भी मिले –

– उज्जैन के समग्र विकास हेतु अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) द्वारा महात्मा गांधी पुरस्कार और इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित।

– मध्यप्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास हेतु सन् 2011-2012 एवं 2012-2013 में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत।

सामाजिक छेत्र में भागीदारी –

– 2006 में भारत स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष, मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, 2007 में अखिल भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, वर्ष 1992, 2004 एवं 2016 सिंहस्थ उज्जैन केन्द्रीय समिति के सदस्य,

– वर्ष 2000-2003 तक विक्रम विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद (सिंडीकेट) सदस्य के दायित्व का निर्वाहन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, विकलांग पुर्नवास केन्द्रों में सक्रिय भागीदारी।

धार्मिक क्षेत्र में भागीदारी –

विक्रमोत्सव-चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा आरंभ विक्रम संवत पर प्रारंभ होने वाले भारतीय नववर्ष मनाने की परंपरा, विगत 11 वर्षों से प्रतिवर्ष भव्य उत्सव शिप्रा तट पर आयोजित किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए भारतीय संस्कृति, तीज, त्यौहार, रीति-रिवाज के पारंपरिक आयोजनों में शामिल होकर साहित्यिक, सांस्कृतिक, कला, विज्ञान, पुरातत्व, वेद ज्योतिष से जुडने हेतु जनमानस को अभिप्रेरित किया।
साहित्य: विक्रमाँदित्य शोधपीठ का गठन।
लेखन: उज्जैयनी का पर्यटन, विश्वकाल गणना के केंद्र डोंगला।
प्रकाशन: संकल्प शुभकृत, क्रोधी, विश्वावसु, पराभव आदि पुस्तकों का प्रकाशन।
विदेश यात्रा: अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, बैंकाक, थाईलैंड, चीन, नेपाल, बर्मा, भूटान, म्यांमार, अरब देशों की यात्रा।

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