मध्य प्रदेश

बीना रिफाइनरी के पास नाले में नर कंकाल मिलने से हड़कंप

बीना ।  रिफाइनरी डिस्पैच टर्मिनल के पास एक नाले में सोमवार को नर कंकाल मिला है। रिफाइनरी के अंदर कंकाल मिलने की सूचना पर आगासौद पुलिस और रिफाइनरी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सागर से एफएसएल की टीम बुलाई है। देर शाम मौके पर पहुंचे एफएसएल के विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाए हैं।दरअसल रिफाइनरी में रि-फिलिंग के लिए बड़ी संख्या में टैंकर आते हैं। डिस्पेच टर्मिनल के पास टैकरों की पार्किग लिए जगह आरक्षित की गई है। इसी पार्किंग के पास गहरा नाला है। सोमवार को इस नाले की सफाई की जा रही थी। नाले की सफाई करते समय कर्मचारियों को कंकाल का मुंड नजर आया। नाले में कंकाल पड़ा होने की आशंका के चलते कर्मचारियों ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर रिफाइनरी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले से अलगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगासौद पुलिस जांच करने के लिए मौके पर पहुंची। नाले में नर कंकाल होने की पुष्टि होने पर सागर से एफएसएल टीम बुलाई गई। टीम की मौजदूगी में कंंकाल के अस्थि पंजर उठाए गए। पुलिस को नाले में कंकाल का सिर, पसली, पैर सहित अन्य अंगों के अवशेष मिले हैं। नाले से जब्त अवशेषों को पीएम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है। इसके अलावा डीएनए परीक्षण के लिए सेंपल सागर भेजे गए हैं। फिलहाल आगासौद पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल का थाना प्रभारी रावेंद्र बागरी, एएसआइ शिखरचंद, प्रधान आरक्षक सतेंद्र सिंह, आरक्षक यशवंत ने बारीकी से निरीक्षण महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Gli amici spesso consigliano di aprire un blog, ma i loro suggerimenti non funzionano per ogni progetto personale. Per scegliere tono, piattaforma e contenuti con più consapevolezza, vale la pena approfondire l'argomento. Pochi o troppi mirtilli: cosa cambia colazione dolce Caffè nero o zuccherato: aggiunta benefica Potare male le rampicanti prima della primavera quattro bevande meglio degli spuntini serali Con l'arrivo dell'autunno, vale la pena dare al proprio spazio online una voce più personale: brevi note, immagini scelte e riflessioni sincere aiutano a costruire un dialogo costante con i lettori.