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रेहटी महाविद्यालय में वर्चुअल शुरू हुआ 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण

- बेसिक्स ऑफ हाईब्रिड इनफॉर्मेटिक एंड मोलिकुलर डॉकिंग विषय पर बात रखेंगे विषय विशेषज्ञ

रेहटी। शासकीय महाविद्यालय रेहटी जिला सीहोर तथा शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय रीवा के संयुक्त तत्वावधान में 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल माध्यम से शुरू हुआ। यह कार्यशाला बेसिक्स ऑफ हाईब्रिड इनफॉर्मेटिक एंड मोलिकुलर डॉकिंग विषय पर 20 से 25 दिसंबर 2022 तक आयोजित की जा रही है। कार्यशाला सह प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में रीवा संभाग के अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव तथा विशिष्ठ अतिथि अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा भोपाल नर्मदापुरम संभाग डॉ. मथुरा प्रसाद रहे। विशिष्ठ अतिथि डॉ. मथुरा प्रसाद ने अपने उद्बोदन में कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में वर्तमान समय में इस प्रकार की कार्यशालाएं सह प्रशिक्षण सेमिनार हमारे विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के शोध कार्यों के लिए उपयोगी साबित होंगे। ये शैक्षणिक बौद्धिक क्षमता निर्माण में भी सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस संपूर्ण कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण इस कार्यालय को भी उपलब्ध कराएं, जिससे उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से पूरे प्रदेश में ज्ञान का प्रसार किया जा सके। मुख्य अतिथि डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने कार्यशाला में वर्चुअल रूप से उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजन मुख्य विषयों के साथ उनके सहविषयों के ज्ञानार्जन में नई आस और उत्साह पैदा करेगी, जिससे उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी लोगों को शोध परख दिशा प्रदान होगी। कार्यशाला की मुख्य संरक्षक शासकीय महाविद्यालय रेहटी की प्राचार्य डॉ. अंजली गढ़वाल, संरक्षक स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय त्योथर जिला रीवा की प्राचार्य डॉ. संगीता दुबे, आयोजन सचिव डॉ. रुचिता त्रिपाठी, डॉ बृजभान यादव, सह-संयोजक डॉ. अंजना सिंह एवं मनोज कुमार वर्मा हैं। प्रथम सत्र के मुख्य स्पीकर डॉ. विवेक धर द्विवेदी के साथ में दोनों महाविद्यालय के आयोजन समिति के सदस्य डॉ. पुनीत मालवी, डॉ. मनमोहन द्विवेदी, डॉ. महेंद्र मिश्रा, राजाराम रावते एवं देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 300 विद्यार्थी तथा शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन फरहत ने किया तथा आभार मनोज वर्मा ने माना। संपूर्ण सत्र का समन्वय मनीष प्रताप सिंह तथा आभार व्यक्त डॉ उमेश प्रसाद पटेल ने किया।

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