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श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में हुआ दिव्य अनुष्ठान, आगामी दिनों में होगा 501 तुलसी पौधों का वितरण

सीहोर। अधिक मास के पावन और पवित्र अवसर पर शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। गुरुवार को सुबह दस बजे पूर्ण विधि-विधान और वैदिक रीति रिवाज से हवन पूजन के साथ तुलसी-शालिग्राम का दिव्य अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत माधवदास महाराज ने कहा कि तुलसी जी के साथ शालिग्राम (जो भगवान विष्णु का ही स्वरूप हैं) को रखकर पूजन करने से घर में कभी भी आर्थिक संकट नहीं आता और सुख समृद्धि का वास होता है। उन्होंने घोषणा की कि इस पुण्य लाभ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आगामी दिनों में मंदिर परिसर से श्रद्धालुओं को 501 से अधिक तुलसी के पौधों का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा।
यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास के आचार्यत्व में आयोजित इस यज्ञ में एक दर्जन से अधिक जोड़ों ने पूर्ण श्रद्धा भाव से वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ आहुतियां दीं। अनुष्ठान के मुख्य यजमानों में नमिता अखिलेश राय, रेखा राय और पवन केवट आदि शामिल थे, जिन्होंने भगवान नृसिंह और लक्ष्मी जी की आराधना की। यह पूरा आयोजन संत माधवदास महाराज के सान्निध्य व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
नियमित तुलसी पूजन से मिलती है पापों से मुक्ति
संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित ने गृहस्थ जीवन में तुलसी पूजा के नियमों और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर तांबे के पात्र में जल भरकर तुलसी जी को अघ्र्य देना चाहिए। इसके बाद संध्या काल में तुलसी जी के चरणों में शुद्ध देसी घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करना चाहिए। अपनी श्रद्धा और सामथ्र्य के अनुसार धूप-दीप दिखाकर, चंदन लगाकर नैवेद्य तथा पुष्प अर्पित करने से घर में सुख-शांति का वरदान मिलता है।

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