जमुनिया-मुंगावली रोड पर भीषण आग से थमी रफ्तार, कुदरत बनी फायर ब्रिगेड

सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप जमुनिया-मुंगावली मार्ग पर रविवार रात उस समय अफरा तफरी मच गई, जब सडक़ किनारे रखी सूखी घास और लकडय़िों के ढेर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि सडक़ के दोनों ओर लपटें उठने लगीं। भीषण गर्मी और धुएं के कारण दृश्यता शून्य हो गई, जिससे वाहनों के पहिए थम गए और सडक़ पर लंबा जाम लग गया।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लपटों की तपिश के कारण राहगीरों का वहां से गुजरना नामुमकिन हो गया था। धुएं के कारण वाहन चालकों को सामने का रास्ता दिखाई देना बंद हो गया, जिसके चलते सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग अनहोनी की आशंका से सहम गए और सुरक्षित दूरी पर अपनी गाडिय़ां खड़ी कर दीं।
जब दमकल से पहले पहुंची बारिश
वहां से गुजर रहे किसान और समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने बताया कि उनकी फोर व्हीलर भी इस जाम में फंस गई थी। आग को बढ़ता देख वे दमकल विभाग को सूचना देने ही वाले थे कि तभी कुदरत का करिश्मा हुआ। अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। यह बारिश राहगीरों के लिए प्राकृतिक फायर ब्रिगेड बनकर आई। चंद मिनटों की तेज बरसात ने धधकती आग को पूरी तरह शांत कर दिया।
टला बड़ा हादसा, बहाल हुआ जाम
बारिश के पानी से आग बुझते ही धुंआ छंट गया और दृश्यता साफ हो गई। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे जाम खुला और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने इसे ईश्वर का सहयोग बताया। एमएस मेवाड़ा ने कहा कि आग इतनी भीषण थी कि यदि समय पर बारिश नहीं होती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। सही समय पर हुई बरसात ने न केवल आग बुझाई, बल्कि प्रशासन की मशक्कत को भी कम कर दिया।

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