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श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति पर उमड़ा आस्था का सैलाब, विशाल भंडारे में हजारों ने पाई प्रसादी

सीहोर। शहर के बस स्टैंड स्थित श्री हनुमान मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय भव्य श्री 21 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ, प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव एवं श्रीराम कथा का शनिवार को गरिमामय समापन हुआ। आयोजन के अंतिम दिन देव पूजन, हवन और पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गयाए जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
महोत्सव के समापन अवसर पर यज्ञ संचालक श्री श्री 108 पंडित दुर्गा प्रसाद कटारे बाबा, समिति अध्यक्ष रुद्रप्रकाश राठौर, यज्ञाचार्य पंडित दीपक शास्त्री और पंडित अनिल शर्मा ने कार्यक्रम में पधारे विभिन्न संतों व महंतों का पुष्पहारों से स्वागत और सम्मान किया। संध्या काल में भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
राम के आदर्शों से सफल होगा जीवन
कथा के अंतिम दिन व्यास पीठ से डॉ. प्रज्ञा भारती ने कहा कि भगवान श्रीराम ने माता-पिता के वचनों और गुरु के आदर्शों का पालन कर मर्यादा पुरुषोत्तम का पद प्राप्त किया। उनके जीवन का अनुसरण कर मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। उन्होंने मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए पंडित कटारे बाबा के प्रयासों की भी सराहना की।
ध्यान और सत्संग से मिटते हैं पाप
यज्ञ संचालक पंडित दुर्गा प्रसाद कटारे बाबा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि एकाग्र मन और ध्यान से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। ध्यान के माध्यम से संचित पापों का नाश होता है। उन्होंने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग मनुष्य को बुरे कर्मों के त्याग की प्रेरणा देता है। मन की चंचलता को निरंतर अभ्यास और एकाग्रता से ही नियंत्रित किया जा सकता है।
दिव्यता के साथ संपन्न हुआ सात दिवसीय उत्सव
बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर में पिछले सात दिनों से जारी इस धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे शहर को भक्तिमय कर दिया। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम को आयोजित सत्संग सभाओं में बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने प्रवचनों का लाभ लिया। समापन के अवसर पर भंडारे की व्यवस्था को लेकर समिति के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे हजारों लोगों ने सुव्यवस्थित ढंग से प्रसादी ग्रहण की।

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