सीहोर में ’जनसुनवाई’ के बाद अब ’मुख्यमंत्री जन-विश्वास’ से भी आमजनों का मोहभंग!
- सलकनपुर में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान शिविर में पहुंचे महज 48 आवेदन
Sumit Sharma
सीहोर। आमजनों को राहत दिलाने, उन्हें न्याय दिलाने एवं उनकी त्वरित समस्याओं के निराकरण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष-2006 में जनसुनवाई शुरू कराई थी। यह जनसुनवाई प्रत्येक मंगलवार को सभी शासकीय कार्यालयों में आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत अधिकारियों को मैदान में जाकर शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन सरकार की यह मुहिम कारगर होती हुई नहीं दिखाई दे रही है। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि अब आमजनों का ’जनसुनवाई’ और ’मुख्यमंत्री जन-विश्वास’ से मोहभंग होता हुआ दिखाई दे रहा है, क्योंकि बार-बार आवेदन देने के बाद भी लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। अब सलकनपुर में भी मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें महज 48 लोग ही आवेदन लेकर पहुंचे। शिविर में उनकी शिकायतें सुनने के लिए सभी आला अधिकारियों का जमावड़ा था, लेकिन यहां पर शिकायतकर्ताओं से ज्यादा सरकारी अमला एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ऐसे में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान पर सवाल उठने लगे हैं। अफसरों ने किया संवाद, दिए निर्देश- मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत सलकनपुर में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में भोपाल संभाग कमिश्नर कर्मवीर शर्मा, डीआईजी भोपाल देहात राजेश चंदेल, बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव, कलेक्टर बालागुरु के., पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना, जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, डीएफओ अर्चना पटेल, एसडीएम संजीव नागू, एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा, तहसीलदार सपना झिलोरिया, रेहटी नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र पटेल, सहित अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से संवाद कर शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण करते हुए उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामवासियों से संवाद करते हुए कहा कि शासन द्वारा विभिन्न वर्गों के कल्याण एवं विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ग्रामीण इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ लें। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति शासकीय योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं एवं मांगें भी सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई भी हुई सिर्फ खानापूर्ति- सीहोर जिले में शासकीय कार्यालयों में होने वाली जनसुनवाई भी खानापूर्ति होकर रह गई है। वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में जनसुनवाई शुरू कराई थी। शुरूआती वर्षों में तो सभी शासकीय कार्यालयों में यह आयोजित होती थी, लेकिन धीरे-धीरे तहसील, एमपीईबी, ग्राम पंचायतों सहित कई अन्य विभागों में यह जनसुनवाई बंद हो गई। अब जिला मुख्यालय पर कलेक्टर कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ही इसे आयोजित किया जा रहा है। इससे भी लोगों का मोहभंग है, क्योंकि जनसुनवाई में भी लोग बेहद कम संख्या में आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। सीहोर जिले की पिछली कुछ जनसुनवाई में भी बेहद कम आवेदन पहुंचे। 23 दिसंबर 2025 को 60, 14 जुलाई 2026 को 96, 15 सितंबर 2026 को 40 आवेदन ही जनसुनवाई में पहुंचे। आमजनों से ज्यादा सरकारी अमला-
सलकनपुर स्थित धर्मशाला प्रांगण में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शिविर में आमजनों से ज्यादा सरकारी अमला नजर आया। यहां पर महज 48 आवेदन ही आए, जबकि यहां पर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायतों के सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक, पुलिस, विभागों के कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शिविर में शिकायतकर्ताओं की संख्या बेहद कम रहीं।