श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करना ही विजयदशमी पर्व की असली सार्थकता है: अरोरा

बाल विहार मैदान पर विधि विधान से हुआ भूमि पूजन, 71 फीट के रावण सहित कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का होगा दहन

सीहोर। भगवान श्रीराम आज भी संपूर्ण देशवासियों के लिए सर्वोच्च आदर्श हैं। उन्होंने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। रावण का वध कर उन्होंने सिद्ध किया कि अधर्म पर हमेशा धर्म की और असत्य पर सत्य की ही जीत होती है। विजयदशमी केवल पुतला दहन का उत्सव नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर सद्मार्ग पर आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना ही इस पर्व की असली सार्थकता है।
यह उद्गार छावनी दशहरा उत्सव समिति के मुख्य संरक्षक, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने विजयदशमी उत्सव के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहे।
संतों के सानिध्य में हुआ भूमि पूजन
हर साल की तरह इस वर्ष भी छावनी दशहरा उत्सव समिति के तत्वावधान में विजयदशमी का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। तैयारियों की शुरुआत बुधवार को बाल विहार मैदान पर भूमि पूजन के साथ हुई। यह धार्मिक अनुष्ठान प्राचीन श्री हंसदास मठ के महंत हरिरामदास महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मुख्य संरक्षक जसपाल सिंह अरोरा, समिति अध्यक्ष व पूर्व पार्षद आशीष गहलोत सहित उपस्थित अतिथियों ने विधिविधान से पूजन-अर्चन कर आगामी आयोजन की सफलता एवं शहर की समृद्धि की कामना की।
71 फीट का रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले होंगे स्वाहा
समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि भूमि पूजन के साथ ही दशहरा उत्सव की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया गया है। इस वर्ष भी बाल विहार मैदान पर 71 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसके साथ ही कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन होगा। आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए समिति के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुख्य संरक्षक जसपाल सिंह अरोरा के मार्गदर्शन में समिति अध्यक्ष आशीष गहलोत, महामंत्री विनीत गोयल, कोषाध्यक्ष विशाल सेन और राम बारात चल समारोह के अध्यक्ष संतोष राठौर व्यवस्थाओं की कमान संभाल रहे हैं।

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