
सीहोर। पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए बैठी एक पंचायत में अचानक मारपीट और लाठी-डंडे चलने के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। सीहोर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला करने वाले तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 2-2 साल के कठोर कारावास और कुल 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार मंडी थाना क्षेत्र की डाकपुलिया में इंदौर से आई एक रिश्तेदार लडक़ी पिंकी के मामले में बातचीत और विवाद सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी। पिंकी अपने मामा करण सिंह के घर रह रही थी, जिसे लेकर उसकी मां हसीनाबाई, पति, पुत्र और बहू के साथ बात करने पहुंचे थे। जब पंचायत चल रही थी, तभी आरोपियों ने लडक़ी का पक्ष लेने की बात पर अचानक हमला कर दिया। आरोपी पेपू, आसुपाल, जगदीश, उपालसिंह, मिथुन और मस्तान पारदी लाठीए डंडे और लोहे की रॉड लेकर आ धमके।
बीच-बचाव करने वालों को भी पीटा
आरोपियों ने पंचायत में शामिल रामजाने और सुखसिंह के सिर व पीठ पर डंडों व लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। जब फरियादिया गीताबाई ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी डंडों से मारपीट की गई। हमलावर जाते-जाते गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दे गए।
अदालत ने सुनाया फैसला
घटना के बाद पीड़त पक्ष ने मंडी थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और चालान अदालत में पेश किया। अदालत ने अभियोजन पक्ष (सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी बी. पूजा राव) के तर्कों और साक्ष्यों से सहमत होकर फैसला सुनाया, जिसमें आरोपी मस्तराज पिता रामचरण पारदी, उपाल सिंह पिता मस्तराज और मिथुन पिता हिंदू सिंह सभी निवासी डाकपुलिया को 2-2 साल की सजा से दंडित किया है। मामले में पप्पू उर्फ पेपू और जयसिंह उर्फ जगदीश फिलहाल फरार हैं, जबकि आरोपी आसुपाल की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है।