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सीएम और केंद्रीय मंत्री ने दी 1763 करोड़ की सौगात, कांग्रेस का जोरदार हंगामा

सीहोर। जिले के भैरूंदा में रविवार को सत्ता और सियासत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले। एक ओर जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण का राज्य स्तरीय शुभारंभ कर प्रदेश को 1763 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों की मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजन के चौथे चरण के तहत मध्य प्रदेश में 1763 करोड़ रुपये की लागत से 2117 किलोमीटर लंबी सडक़ों का जाल बिछाया जाएगा। इससे प्रदेश की 987 बसाहटें मुख्य सडक़ों से जुड़ जाएंगी।
सीहोर को क्या मिला
– जिले में 165 करोड़ रुपये की लागत से 209 किलोमीटर लंबी 81 सडक़ों का निर्माण होगा।
– इससे जिले की 84 बसाहटों को सीधा लाभ मिलेगा।
– पीएम जनमन योजना के तहत भी 261 करोड़ रुपये की लागत से 384 किमी सडक़ों को मंजूरी दी गई है।
शिवराज के गढ़ में मोहन का संदेश
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व भी काफी अधिक रहा। दोनों नेताओं ने मंच से जनता से सीधा संवाद किया और मांग पत्र भी स्वीकार किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का लक्ष्य सडक़, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं हर घर तक पहुंचाना है और विकास की यह गति अब रुकने वाली नहीं है।

कांग्रेस का जबरदस्त प्रदर्शन, गिरफ्तारी
नेताओं के आगमन से पहले भैरूंदा में राजनीतिक माहौल गरमा गया। किसानों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ता मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस द्वारा रोके जाने पर दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर एसडीओपी कार्यालय पहुंचाया। विरोध स्वरूप कांग्रेसी कार्यालय परिसर में ही अनशन और धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है और लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है।
देशभर से जुटे प्रतिनिधि
भैरूंदा का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर का नजर आया। इसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर और लद्दाख समेत करीब 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और उच्च अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी, हालांकि राजनीतिक गहमागहमी ने पूरे समय प्रशासन को चौकन्ना रखा।

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