
सीहोर। शाहगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चाचमऊ के पास उस समय हडक़ंप मच गया, जब वहां से गुजरने वाली चांदनी नदी के किनारे एक विशालकाय मगरमच्छ आराम से धूप सेंकता और रेंगता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने जैसे ही नदी किनारे इतने बड़े मगरमच्छ को देखा, तुरंत क्षेत्र में अफरा तफरी और दहशत का माहौल बन गया। देखते ही देखते यह खबर शाहगंज और आसपास के तटीय गांवों में आग की तरह फैल गई।
बता दें शाहगंज क्षेत्र के ग्राम चाचमऊ और आसपास के दर्जनों गांवों के लिए चांदनी नदी बेहद महत्वपूर्ण है। क्षेत्र के किसान सिंचाई, अपने मवेशियों को पानी पिलाने और दैनिक कामकाज के लिए रोजाना इसी नदी के किनारों का उपयोग करते हैं। खेतों तक जाने वाले मुख्य रास्ते पर मगरमच्छ के इस तरह खुलेआम घूमने से ग्रामीणों को अपनी और अपने मवेशियों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता सताने लगी है।
ग्रामीणों में डर, सुरक्षित रेस्क्यू की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वे रोजाना इसी रास्ते से होकर अपने खेतों पर काम करने जाते हैं। इतने विशालकाय मगरमच्छ को इतने करीब देखकर लोग खौफ में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकडक़र किसी सुरक्षित स्थान या गहरे जलाशय में नहीं छोड़ देती, तब तक क्षेत्र में किसी अनहोनी या हादसे का खतरा लगातार बना रहेगा।
सूचना मिलते ही वन विभाग हुआ सक्रिय
घटना की जानकारी तुरंत ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही शाहगंज क्षेत्र में वन विभाग की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। फिलहाल चांदनी नदी के आसपास के इलाकों में वन विभाग द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है और मगरमच्छ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शाहगंज वन विभाग की अपील
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने चांदनी नदी से सटे गांवों के लिए अलर्ट जारी करते हुए कहा कि ग्रामीण नदी के गहरे और सुनसान किनारों की तरफ बिल्कुल न जाएं। मवेशियों को पानी पिलाने के लिए नदी के एकदम करीब न ले जाएं। छोटे बच्चों को अकेले नदी किनारे या आसपास खेलने न भेजें। मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके पास जाने, उसे छेडऩे या मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं।