
सीहोर। मंडी क्षेत्र स्थित सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चे) दिव्यांग बालिका छात्रावास मनुबेन के सामने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। हॉस्टल के प्रारंभ होते ही यहां रहने वाली दिव्यांग बालिकाओं के चेहरों पर एक अलग ही खुशी और मुस्कान देखने को मिली।
कलेक्टर बालागुरू के. और जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव के विशेष मार्गदर्शन में छात्रावास के शुभारंभ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक महेश यादव और जिला शिक्षा केंद्र डीपीसी रमेश राम उइके के दिशा-निर्देशन में पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली गई। वहीं जिला शिक्षा विभाग की नोडल समन्वयक स्वाति प्रियदर्शिनी, एमआरसी और डीडीआरसी स्टाफ के सहयोग से कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कराया गया।
रिबन काटकर हुआ पारंपरिक स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा रिबन काटकर की गई। इसके बाद छात्रावास में प्रवेश करने वाली बालिकाओं, उनके अभिभावकों और आए हुए अतिथियों का रोली, कुमकुम, आरती और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान पंडितजी द्वारा विधि विधान से कन्या पूजन और भगवान की पूजा अर्चना करवाई गई।
एडमिशन और समस्याओं का हुआ समाधान
हॉस्टल में नई बालिकाओं के एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की गई और अभिभावकों की अन्य समस्याओं व प्रश्नों का मौके पर ही निराकरण किया गया। एडमिशन प्रक्रिया के बाद सभी बच्चों, परिजनों और स्टाफ ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह साफ छलक रहा था।
पढ़ाई से बौद्धिक विकास, पौष्टिक भोजन से सुधरेगी सेहत
गौरतलब है कि इस विशेष छात्रावास में मिलने वाली बेहतर शिक्षा और देखभाल की वजह से दिव्यांग बच्चों के बौद्धिक स्तर में लगातार सकारात्मक सुधार आता है। वहीं छात्रावास में दिए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन से बच्चों की शारीरिक सेहत में भी निरंतर सुधार दर्ज किया जाता है। इधर इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में स्पेशल एजुकेटर और डीडीआरसी स्टाफ डीडीआरसी स्टॉफ कंचन, सीमा शुक्ला सहित अन्य की कड़ी मेहनत नजर आई। रसोइया दीदी सीता बाई ने बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना तैयार किया और सभी को हंसते-मुस्कुराते हुए प्यार से भोजन कराया। विशेष शिक्षिक रानी गौर, चौकीदार सुनील राठौर का भी विशेष योगदान रहा। हॉस्टल के दोबारा शुरू होने से न केवल बच्चों को एक सुरक्षित और ज्ञानवर्धक माहौल मिलेगा, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास का रास्ता भी साफ होगा।