
सीहोर। देश के भविष्य और विकास की नींव कही जाने वाली जनगणना की प्रक्रिया का मध्य प्रदेश में औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इसी क्रम में सीहोर कलेक्टर बालागुरु के. ने जनगणना.2027 के तहत स्व-गणना पोर्टल पर अपना प्रारंभिक ऑनलाइन पंजीकरण कर जिले में इस अभियान की शुरुआत की। कलेक्टर ने इस अवसर पर जिले के नागरिकों से आग्रह किया कि वे आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए इस डिजिटल प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
कलेक्टर बालागुरु ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक है। प्रदेश में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन स्व-गणना का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत नागरिक जनगणना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्वयं अपना पंजीकरण कर सकते हैं और मांगी गई जानकारियों को डिजिटल माध्यम से भर सकते हैं।
मई माह में होगा मकानों का सूचीकरण
ऑनलाइन पंजीकरण की समय सीमा समाप्त होने के बाद अभियान का अगला चरण शुरू होगा। कलेक्टर के अनुसार 1 मई से 30 मई तक मकानों के सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया भी डिजिटल रूप में ही संपादित होगी, जिससे आंकड़ों की सटीकता और गोपनीयता बनी रहे।
सटीक जानकारी जरूरी
कलेक्टर ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का एकत्रीकरण नहीं है, बल्कि आगामी पीढिय़ों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण के लिए एक पवित्र कार्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना में पूर्ण निष्ठा के साथ सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दें। आपके द्वारा दी गई जानकारी ही भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की दिशा तय करेगी।
कर्मचारियों के परिश्रम की सराहना
अभियान की सफलता के लिए जुटे अमले का उत्साहवर्धन करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जनगणना में लगे अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उनका परिश्रम और सटीकता से किया गया कार्य देश की बुनियाद को और मजबूत बनाएगा।