भूमिपूजन कार्ड से जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा का नाम गायब…

तीन दिन पहले ढाबला केलवाड़ी के लोकार्पण पटल से भी नाम गायब होने पर बिफरे थे जिलाध्यक्ष

सीहोर। इन दिनों जिला भाजपा का अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। सरकारी कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों और पट्टिकाओं से भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा का नाम न होने को लेकर जिले की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

आज रविवार 27 सितंबर को इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बोरदी कलां में आयोजित प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-4 के तहत स्वीकृत 36 मार्गों के भूमिपूजन कार्यक्रम के शासकीय आमंत्रण पत्र में जिलाध्यक्ष का नाम शामिल नहीं किया गया है। इस बड़े कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा और जनपद अध्यक्षों के नाम प्रमुखता से शामिल हैं, लेकिन सत्तारूढ़ दल के जिलाध्यक्ष का नाम गायब होना सियासी गलियारों में सुगबुगाहट बढ़ा रहा है।
24 सितंबर के कार्यक्रम में भी झलका था दर्द
सरकारी कार्यक्रमों में उपेक्षा का यह पहला मामला नहीं है। इससे ठीक तीन दिन पहले, 24 सितंबर को ग्राम ढाबला केलवाड़ी में 2.32 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के लोकार्पण समारोह में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। वहां लोकार्पण पटल पर नाम न होने और आधिकारिक सूचना न मिलने से जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा मंच पर ही अपनी उपेक्षा से दुखी नजर आए थे।
उन्होंने उपस्थित लोगों के सामने अपना दर्द व्यक्त करते हुए कहा था कि वे स्वयं पास के ही बिलकिसगंज के मूल निवासी हैं और जिस ढाबला केलवाड़ी में यह उपकेंद्र बना है, वहां उनकी मौसी का घर है। इसके बावजूद उन्हें इस महत्वपूर्ण शासकीय आयोजन की न तो कोई औपचारिक जानकारी दी गई और न ही पट्टिका पर नाम दिया गया। मेवाड़ा ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया था कि वे किसी शासकीय निमंत्रण पर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विधायक और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के व्यक्तिगत फोन कॉल पर वहां पहुंचे थे। लेकिन अब दूसरे कार्यक्रम के शुरुआत में यानि निमंत्रण कार्ड में ही उनकी अनदेखी की गई है। बता दें जिले में इससे पहले होने वाले आयोजनों के निमंत्रण कार्ड में बकायदा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा का नाम शामिल रहता था।

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