संस्कारविहीन शिक्षा अधूरी, श्रेष्ठ मनुष्य बनाना ही पढ़ाई का असली उद्देश्य: पंडित प्रदीप मिश्रा

सीहोर। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना या ऊंचे अंक लाना नहीं है, बल्कि एक श्रेष्ठ मनुष्य बनाना है। विद्या तभी सार्थक और फलदायी होती है, जब उसके साथ संस्कार, विनम्रता, सेवा और चरित्र का समावेश हो। माता-पिता और गुरुजनों का आदर करने वाला विद्यार्थी जीवन की किसी भी परीक्षा में कभी असफल नहीं हो सकता। यह प्रेरक विचार कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यक्त किए।
वे रविवार को स्थानीय चंद्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में सामाजिक संस्था अग्रसोच सोशल फाउंडेशन द्वारा आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। समारोह में एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले सीहोर जिले के 350 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समाज का भविष्य गढ़ रहा है अग्रसोच परिवार
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अग्रसोच सोशल फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अंक जीवन की शुरुआत मात्र हैं, यह अंतिम मंजिल नहीं है। आज के इस दौर में समाज को ऐसी संस्थाओं की बेहद आवश्यकता है जो बच्चों के भीतर केवल किताबी ज्ञान ही न भरें, बल्कि नैतिक मूल्यों और संस्कारों की ज्योति भी प्रज्वलित करें। अग्रसोच फाउंडेशन केवल बच्चों का सम्मान नहीं कर रहा, बल्कि देश का उज्ज्वल भविष्य गढ़ रहा है। पंडित मिश्रा ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहनेए अपना लक्ष्य निर्धारित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
विधायक ने प्रतिभाओं को बताया देश का निवेश
कार्यक्रम के विशेष अतिथि विधायक सुदेश राय ने कहा कि जिस समाज में प्रतिभाओं का सम्मान होता है, वह निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहता है। बच्चों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देना सबसे बड़ा सामाजिक निवेश है। विशिष्ट अतिथि समाजसेविका अरुणा राय ने भी विचार रखते हुए कहा कि शिक्षा और संवेदनशीलता का संगम ही एक आदर्श समाज की रचना करता है। इसके साथ ही समाजसेवी अखिलेश राय, कमलेश कटारे और पुष्पेंद्र जैन ने भी मेधावियों का उत्साहवर्धन करते हुए इस सम्मान को माता-पिता के त्याग की तपस्या का प्रतिफल बताया। आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि पंडित प्रदीप मिश्रा, विधायक सुदेश राय, अरुणा राय, अखिलेश राय, कमलेश कटारे, पुष्पेंद्र जैन, सुनील अग्रवाल, प्रदीप चौहान और एआर शेख मुंशी सहित अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सरस्वती कथक कला केंद्र की बाल कलाकारों ने मनमोहक सरस्वती वंदना और देशभक्ति गीतों पर कथक नृत्य की सुंदर प्रस्तुतियां दीं।



