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रोलागाव में संपन्न हुआ अनुभति कार्यक्रम, पेड़-पौधों व वन्य जीवों की विद्यार्थियों को दी जानकारी

आष्टा। रोलागाव मंडल अंतर्गत गांव में वन विभाग इको पर्यटन विकास बोर्ड ने अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को वन व वन प्राणियों से रूबरू कराया गया। इस मौके पर आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कार भी बांटे गए।
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, रेंजर राजेश चौहान, सुनील सेठी, पत्रकार जहूर मंसूरी विशेष रूप से उपस्थित थे। स्कूली विद्यार्थियों के प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वन्य जीव जंतुओं के बारे में सूक्ष्मता से जानकारियां दी गर्इं। इनमें पेड़ पौधे, वन्य जीव आदि के बारे में बताया गया’ वही अपनी प्रकृति और पर्यावरण सहेजने के लिए एक साथ सभी उपस्थितजनों ने शपथ भी ली’ इस मौके पर विद्यार्थियों की चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने जंगल के चित्रों को बनाकर वन्य प्राणियों के सरक्षण संबंधी संदेश दिया गया, जिसे अतिथियों द्वारा सराहा गया, वही विद्यार्थियों को शील्ड व पेन प्रदान कर उन्हें सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि आप सभी बच्चे देश का भविष्य हैं जो आगे चलकर इस अनुभूति कार्यक्रम से प्रेरणा लेकर पर्यावरण संरक्षण का अहम कार्य करेंगे। उन्होंने सभी स्कूली बच्चों को अपने जन्मदिवस पर एक, एक पौधा लगाकर उसकी देखरेख करने के लिए प्रेरित भी किया। रेंजर राजेश चौहान ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य देश के भावी नागरिकों में वन संरक्षण के संस्कार विकसित करना है। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, रेंजर राजेश चौहान, सुनील सेठी, पत्रकार जहूर मंसूरी, जितेंद्र बुदासा, वैभव मेवाड़ा सहित वन परिक्षेत्र के अधिकारी, कर्मचारियों के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, विद्यार्थीगण मौजूद थे।

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Come un diario o una vetrina personale, un blog dà spazio alle idee e alla voce di chi lo cura. Vale la pena approfondire questo tema. Scegliere colazioni che saziano poco Confronto tra abitudini quotidiane e dopo una notte sulla Quando il caffè si raffredda accanto al computer, spesso nasce l'idea di annotare quel piccolo momento. Un blog personale può trasformarlo in una storia semplice, sincera e tutta da rileggere.