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रेत माफिया के कहर से उजड़ा परिवार, पति की मौत के बाद अपाहिज हुई पत्नी न्याय के लिए रेहटी से पहुंची सीहोर

सीहोर। रेहटी क्षेत्र में अवैध और तेज रफ्तार रेत परिवहन करने वाले माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक दर्दनाक नजारा मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में देखने को मिला। रेत माफिया की अंधाधुंध रफ्तार ने एक हंसते-खेलते अत्यंत निर्धन परिवार को तबाह कर दिया। हादसे में अपने पति को हमेशा के लिए खो चुकी और खुद पैर टूटने से अपाहिज हो चुकी बेबस पत्नी शर्मिला बाई न्याय और सरकारी मदद की आस में चार पड़ोसियों की मदद से ऑटो के जरिए कलेक्ट्रेट पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जब इस लाचार मां ने अपना दुख बयां किया तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
बता दें यह हादसा रेहटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीते 18 मई को नीनोर घाट के पास हुआ था। यहां रेत से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली के ड्राइवर ने लापरवाही से चलाते हुए बाइक सवार दंपत्ति को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस सडक़ हादसे में बाइक चला रहे नर्मदा प्रसाद हरियाले गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने बुदनी के मधुवन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं उनकी पत्नी शर्मिला बाई का पैर पूरी तरह टूट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।
पुलिस पर आरोप, आरोपी ड्राइवर को छोड़ दिया
पीडि़त परिवार का आरोप है कि घटना के बाद रेहटी थाना पुलिस ने मामला तो दर्ज किया और दुर्घटना का कारण बनी ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर लिया, लेकिन रसूख के चलते आरोपी ड्राइवर जितेंद्र पाण्डेय को मौके से छोड़ दिया गया। आज तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होने से पीडि़त परिवार खुद को असुरक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य चला गया
हादसे का शिकार हुआ यह पीडि़त परिवार भूमिहीन है और गरीबी में जीवन-यापन कर रहा है। मृतक नर्मदा प्रसाद पेशे से मजदूरी और मिस्त्री का काम करते थे और वही पूरे घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी असामयिक मृत्यु के बाद अब परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और भविष्य अंधकार में डूब गया है तथा स्थिति भुखमरी के कगार पर पहुंच चुकी है। इस विकट परिस्थिति के बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक पीडि़त परिवार को तात्कालिक रूप से कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
पीडि़ता शर्मिला बाई ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे आवेदन में मांग की है कि फरार आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर जितेंद्र पाण्डेय को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत असामयिक मृत्यु पर आश्रित परिवार को मिलने वाली 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि जल्द स्वीकृत की जाए। राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत शासकीय वित्तीय सहायता राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के माध्यम से पीडि़त परिवार को उचित बीमा क्लेम और मुआवजा दिलाया जाए ताकि बच्चों का भविष्य संवर सके।

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