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पति-पत्नी और मां को 2-2 साल की जेल

सरकारी जमीन पर घास काटने की बात को लेकर हुआ था विवाद, डंडे और रॉड से किया था हमला

सीहोर। शासकीय भूमि के कब्जे को लेकर हुए विवाद में एक महिला के साथ गंभीर मारपीट करने के 5 साल पुराने मामले में सीहोर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने मामले की सुनवाई करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों पति, पत्नी और मां को दोषी ठहराया है। अदालत ने तीनों दोषियों को 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 3 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन कहानी के अनुसार घटना 5 अगस्त 2021 की दोपहर लगभग 1.00 बजे थाना मंडी अंतर्गत ग्राम मोगराराम की है। फरियादी और अभियुक्तों के बीच भूमि के कब्जे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। घटना के दिन अभियुक्त कमलेश वर्मा की पत्नी सरकारी जमीन (जिस पर फरियादी का कब्जा था) से घास काट रही थी। द्बक्तरियादी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी कमलेश उसे मारने दौड़ा, जिससे फरियादी भागकर अपने घर चला गया। इसके बाद आरोपी कमलेश, उसकी पत्नी भगवती बाई और मां कोमलबाई तीनों फरियादी के घर के सामने पहुंचे और अश्लील गालियां देने लगे। फरियादी की मां कांता बाई ने जब गाली गलौज करने से मना किया तो कोमल बाई ने कांता बाई को दबोच लिया। भगवती बाई ने डंडे से मारपीट शुरू कर दी। कमलेश ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे कांता बाई के सिर और दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं। बचाव करने आए फरियादी को भी आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद फरियादी की रिपोर्ट पर थाना मंडी में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
थाना मंडी पुलिस ने विवेचना के दौरान घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया, घटनास्थल का नक्शा मौका तैयार किया और गवाहों के कथन दर्ज किए। शुरुआत में धारा 294, 323, 34 और 506 भादवि के तहत मामला दर्ज हुआ थाए लेकिन कांता बाई को आई गंभीर चोटों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में धारा 325 (गंभीर चोट पहुंचाना) का इजाफा कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष मजबूत साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए तीनों आरोपियों को धारा 325/34 भादवि के तहत दोषी पाया और 2-2 वर्ष के कारावास तथा अर्थदंड की सजा से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रानी जैन द्वारा की गई।

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