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मासिक राधा नाम कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया

सीहोर। शहर के गंज ग्वालटोली स्थित राधेश्याम मंदिर में यादव समाज के तत्वाधान में राधा नाम कीर्तन का आयोजन कि या गया। इस मौके पर यहां पर मौजूद भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने भजन गाकर भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान किया। श्रद्धालुओं ने राधा रानी तेरे नाम का सहारा, हरि नाम की बूटी पिया करो हर पल मस्ती में जिया करो…आदि भजनों पर आनंद लिया। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। इस मौके पर भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि राधा नाम ही जीवन में सार्थक है। भजन-कीर्तन करने से सभी को आनंद और उत्साह की प्राप्ति होती है। परमार्थ के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति का जीवन ही सार्थक होता है। परंतु इस मार्ग पर चलना कठिन है और बहुत आसान भी है। इस मार्ग पर चलने के लिए अभिमान, निंदा, महत्वाकांक्षा, नाम आदि की भावना का त्याग व लोभ छोडा पड़ेगा। बिना इनके छोड़े कि नारा नहीं मिलेगा। तू भी ले राधा का नाम अमृत बरसेगा। राधा का नाम प्यारा जीवन का है सहारा, भव से पार होने का सब से बड़ा किनारा, पापो को ढोते ढोते जीवन चला हमारा, दुनिया में ढूंढा फिर भी मिलता नहीं किनारा, सुन कर के नाम राधा मिलता गया नजारा धारा तो बह रही श्री राधा नाम की, किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए। राधे राधे रटो, चले आएंगे बिहारी, जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए और हमे राधा रानी तेरे नाम का सहारा, नाम का सहारा तेरे नाम का सहारा आदि अनेक भजन सुनाए। भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा के मार्गदर्शन में श्री राधा नाम कीर्तन दिव्य आयोजन रात्रि 7 बजे से देर रात्रि को कीर्तन के बाद महाप्रसादी का वितरण भी किया गया।
राधा नाम का जाप, मौन माला और नृत्य माला आदि का आयोजन
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि पहले भगवान की पूजा अर्चना की गई, इसके बाद राधा नाम का कीर्तन पाठ, राधा नाम का जाप, मौन माला और नृत्य माला आदि का आयोजन किया गया। इस मौके पर भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा ने किया कि राधा नाम के श्रवण, स्मरण और उच्चारण से कर्मभोग, गर्भवास और भवबंधनादि एक ही साथ नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि रा शब्द के उच्चारण से भक्त परम दुर्लभ मुक्ति पद को प्राप्त करता है और धा शब्द केउच्चारण से श्री हरि के धाम में दौड़कर पहुंचना है। रा का एक अर्थ पाना और धा का अर्थ है निर्वाण। राधा का अर्थ मुक्ति पाना है। गिरीराज सरन ने कहा कि इस नाम का जाप करने वाले का श्री हरि स्वयं सत्कार करते हैं। उन्होंने कहा कि मासिक राधा नाम कीर्तन में जो प्रसादी का वितरण किया जाता है वह अन्नकूट के प्रसाद की तरह होती है। कार्यक्रम के दौरान यादव समाज की ओर से रोहित यादव, केके यादव, दीपक यादव, नरेश यादव, प्रकाश पहलवान, नीरज यादव, सोनू यादव, राजेश परिहार आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।

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